बस कंडक्टर से सुपरस्टार बने रजनीकांत ने बनायी नई पार्टी, …..तीन साल में दे देंगे इस्तीफा

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तमिल सिनेमा के दिग्गजों एमजीआर, करुणानिधि और जयललिता की राह पर चलते हुए दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार रजनीकांत ने राज्य की राजनीति में कदम रखते हुए नई पार्टी का ऐलान कर दिया. इस मौके पर रजनीकांत ने कहा कि वो तमिलनाडु में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर लड़ेंगे और सत्ता में आने के तीन साल के भीतर अपने चुनावी वादों को पूरा करने में असमर्थ रहने पर इस्तीफा दे देंगे.
रजनीकांत ने कहा कि उनकी पार्टी 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव में राज्य की सभी 234 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. 2019 के संसदीय चुनावों में उतरने का निर्णय उचित समय पर लेगी. यदि वह सत्ता में आने के तीन साल के भीतर अपने चुनावी वादों को पूरा करने में असमर्थ होते हैं, तो इस्तीफा दे देंगे. यहां सब कुछ बदलने की जरूरत है और वह समय आ गया है. हम सिस्टम को बदल देंगे. मैं सेकुलर और आध्यात्मिक राजनीति करना चाहता हूं. सत्य, कार्य और विकास हमारी पार्टी के तीन मंत्र होंगे.
रजनीकांत ने कहा कि मुझे अपनी पार्टी में कैडर नहीं गार्ड चाहिए जो गलत होने से रोक सकें. मैं उनका सिर्फ सुपरवाइजर रहूंगा. उन्होंने कहा कि वो सत्ता की लालच में राजनीति में प्रवेश नहीं कर रहे हैं. मुख्यमंत्री का पद मेरे पास बहुत समय पहले आया था, लेकिन मैं इससे दूर रहा. मैं सुशासन को सुनिश्चित करना चाहता हूं. मेरी पार्टी का मार्गदर्शक नारा होगा, ‘अच्छा करो, अच्छा बोलो तो केवल अच्छा ही होगा’.
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रजनीकांत की इस घोषणा से राज्य में चुनावी समीकरण बदल सकते हैं. भाजपा की इच्छा थी कि रजनीकांत उसके साथ जुड़ जाएं. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने खुलेआम रजनी को पार्टी में शामिल होने का न्यौता दिया था तो पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने भी संकेत दिया था कि रजनीकांत के लिए भाजपा के दरवाजे खुले हुए हैं. नई पार्टी के ऐलान से इस तमन्ना पर पानी फीर गया है.
रजनीकांत पूरे तमिलनाडु में समाज के हर तबके में लोकप्रिय हैं, अगर वह भाजपा से हाथ मिलाते हैं तो मुस्लिम समुदाय के वोटर उनसे दूर जा सकते हैं जबकि राज्य में भाजपा का कोई जनाधार नहीं है. उधर हिंदू वोटरों को खुश करने के लिए रजनीकांत आध्यात्मिक राजनीति की भी बात कर रहे हैं. रजनीकांत से अबतक दूरी बनाए रखने वाले सुपरस्टार कमल हासन भी उनके साथ आ सकते हैं.
कमल हासन ने रजनीकांत के ऐलान के बाद कहा कि मैं अपने भाई रजनी को राजनीति में आने की बधाई देता हूं, उनका स्वागत है. ज्ञात है कि कमल हासन भी तमिल राजनीति में आने के इच्छुक हैं और कभी भी वह इसका ऐलान कर सकते हैं. पिछले दिनों कमल हासन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ मुलाकात करने के बाद कहा कि हम करप्शन के खिलाफ लड़ने के लिए एकजुट हुए हैं.
जीजाबाई और रामोजी राव की चार संतानों में सबसे छोटे शिवाजी राव गायकवाड़ आगे चलकर रजनीकांत बने. 12 दिसंबर 1950 को बेंगलुरु में जन्मे शिवाजी राव जब पांच साल के थे तभी उनकी मां का निधन हो गया. जिसके बाद घर चलाने के लिए रजनीकांत ने कूली का काम किया और सुपरस्टार बनने से पहले बस कंडक्टर थे.
रजनीकांत के दोस्त राज बहादुर ने ही उनके अभिनेता बनने के सपने को ज़िंदा रखा था. कन्नड़ नाटकों से अभिनय की शुरुआत करने वाले रजनीकांत दुर्योधन की भूमिका में काफी लोकप्रिय हुए. बालचंद्र की फिल्म ‘अपूर्वा रागनगाल’ से रजनीकांत ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री में दाखिल हुए थे. नकारात्मक किरदारों का अभिनय करने के बाद रजनीकांत पहली बार नायक के रूप में एसपी मुथुरमन की फ़िल्म भुवन ओरु केल्विकुरी में दिखे. इसके बाद मुथुरमम और रजनीकांत की जोड़ी हिट रही और 25 फ़िल्मों में काम किया.

बिल्ला फ़िल्म उनकी पहली सफल फिल्म थी, 1978 में अमिताभ बच्चन की फ़िल्म डॉन बिल्ला की ही रीमेक थी. रजनीकांत ने पहली बार मुंदरू मूगम में तिहरा रोल किया, जिसके लिए उन्हें तमिलनाडु सरकार से बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला. टी रामा राव की फिल्म अंधा कानून अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी और रीना रॉय के साथ रजनीकांत की पहली हिन्दी फिल्म थी.
श्री राघवेंद्र, रजनीकांत की 1985 में 100वीं फिल्म थी, जिसमें उन्होंने हिंदू संत राघवेंद्र स्वामी का रोल किया था. ब्लडस्टोन में 1988 से इंग्लिश ऐक्शन में आगाज किया, फिल्म राजा चाइना रोजा में एनिमेशन शामिल किया गया. तमिल, हिन्दी, मलयालम, कन्नड़ और तेलुगू के साथ रजनीकांत ने भाग्य देवता नाम की एक बांग्ला फिल्म में भी अभिनय किया है.
रजनीकांत के इस फैसले पर भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि उन्होंने सिर्फ घोषणा की है कि वो राजनीति में आ रहे हैं. उनके पास ना कोई जानकारी है और ना दस्तावेज, वह अनपढ़ हैं. यह सिर्फ मीडिया प्रचार है, तमिलनाडु के लोग काफी समझदार हैं.
रजनीकांत के इस फैसले पर बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने रजनीकांत को बधाई देते हुए ट्विटर पर लिखा कि- “मेरे प्रिय मित्र, साथी और विनम्र विचारशील शख्स रजनीकांत ने राजनीति में आने का फैसला किया है. उनकी सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएं।”

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