लोकसभा का आगामी सत्र खत्म होते ही जदयू अपने लोस प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर देगा. जदयू तीन तलाक के खिलाफ विधेयक और असम की नागरिकता कानून से संबंधित विधेयक का विरोध करेगी.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में रविवार को जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक मुख्‍यमंत्री के सरकारी आवास पर हुयी. जदयू ने अपनी बैठक में निर्णय लिया कि लोकसभा का आगामी सत्र खत्म होते ही पार्टी अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर देगी. साथ ही पार्टी ने तय किया कि वो अपने सहयोगी पार्टी BJP के तीन तलाक के खिलाफ विधेयक और असम की नागरिकता कानून से संबंधित विधेयक का विरोध करेगी.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में लगभग चार घंटे तक चली बैठक के बाद पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केसी त्यागी और पूर्व सांसद पवन वर्मा ने कहा कि जदयू राम मंदिर, अनुच्छेद 370 और समान आचार संहिता जैसे संवेदनशील मुद्दों पर अपनी पुरानी नीतियों एवं सिद्धांतों पर कायम रहेगी. लोकसभा उम्मीदवार तय करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और जल संसाधन मंत्री ललन सिंह की त्रिसदस्यीय समिति बनाई गयी जो पार्टी नेताओं से रायशुमारी कर अंतिम निर्णय लेंगे.
असम में नागरिकता कानून के विरोध में 27 और 28 जनवरी को निकालने वाली रैली में जदयू भी शामिल होगा. पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल 22-24 जनवरी को असम का दौरा करेगा और इस सिलसिले में असम गण परिषद और ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन के नेताओं से मिलेगा. प्रतिनिधि मंडल में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर, प्रधान राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी, राष्ट्रीय महासचिव आफाक अहमद और जदयू के नार्थ ईस्ट एक्जेक्यूटिव काउंसिल के संयोजक एनएसएन लोथा शामिल होंगे. पार्टी रामजन्मभूमि विवाद में अदालत के फैसले का सम्मान करेगी. साथ ही अनुच्छेद 370 के साथ छेड़छाड़ नहीं हो और समान आचार संहिता के संबंध में सभी स्टेक होल्डर से विचार- विमर्श कर ही कोई फैसला लिया जाए.
फरवरी के अंतिम सप्ताह में होने वाली जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बिहार और लक्षद्वीप के अलावा अन्य राज्यों में चुनाव लड़ने पर निर्णय करने के साथ ही संसद सत्र के बाद पार्टी बिहार में आगामी लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों की घोषणा करेगी. बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में पार्टी के परफार्मेंस की समीक्षा भी की.
बैठक में प्रशांत किशोर, पवन वर्मा, केसी त्यागी, आफाक अहमद, अनिल हेगड़े, एनएसएन लोथा, वशिष्ठ नारायण सिंह, बिजेंद्र प्रसाद यादव, ललन सिंह, श्याम रजक, संजय झा, राम सेवक सिंह, रवींद्र सिंह एवं संजय वर्मा मौजूद थे. राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह दिल्ली में आंख का इलाज कराने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके.



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