बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बंगाल में योगी आदित्यनाथ के हेलीकाॅप्टर को नहीं उतरने देने और अमित शाह सहित अन्य भाजपा नेताओं की सभा पर रोक लगा कर ममता बनर्जी ने बंगाल का हालत इमरजेंसी से भी बदत्तर कर दिया है. उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने आज “पत्रकार मिलन समारोह” आयोजित किया था, उसमें पत्रकार मित्रों के साथ उन्होंने लम्बे समय तक ढेर सारी मस्ती की. मोदी ने कहा कि जिस प्रकार चारा घोटाले के सबूतों व तथ्यों को अपने कब्जे में लेने व नष्ट करने के लिए लालू प्रसाद ने तत्कालीन पशुपालन निदेशक रामराज राम, पशुपालन सचिव बेक जुलियस और वित आयुक्त फूलचंद सिंह की SIT बनायी थी, जो बाद में CBI की जांच में दोषी पाए गए और उन्हें कोर्ट से सजा भी मिली. उसी प्रकार सारधा घोटाले के आरोपियों को बचाने के आरोपों से घिरे पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को SIT का प्रमुख बना कर ममता बनर्जी ने भी सबूतों को नष्ट करने का षड़यंत्र रचा है.
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आज का फैसला ममता बनर्जी के लिए करारा झटका है, जिसमें कोर्ट ने राजीव कुमार को CBI के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है. CBI की बार-बार नोटिस के बावजूद उपस्थित नहीं होने वाले राजीव कुमार को अब अगर ममता में हिम्मत है तो रोक कर दिखायें. ममता अगर इसे अपनी जीत बता रही है,तो ऐसी जीत उन्हें मुबारक हो. मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार को तत्काल कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को निलंबित कर देना चाहिए और अखिल भारतीय सेवा के जो भी अन्य अधिकारी धरना पर बैठे, उन सबके खिलाफ भी केंद्र सरकार तत्काल कार्रवाई करे.
श्री मोदी ने कहा कि ममता के समर्थन में तेजस्वी जैसे लोग आए, जो खुद भ्रष्टाचार में लिप्त हैं. 29 साल की उम्र में तेजस्वी 53 बेनामी सम्पति के मालिक हैं और IRCTC घोटाले में अभी जमानत पर हैं. सारे भ्रष्टाचारी PM मोदी से डरकर इकट्ठा हो रहे हैं. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या किसी राज्य के अंदर दूसरे राज्य के मुख्यमंत्री को जाने का अधिकार नहीं है? तो फिर UP के CM योगी आदित्यनाथ को क्यों रोका गया? बंगाल में ममता ने लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंट दिया है. उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता इस बार लोक सभा चुनाव में ममता बनर्जी को सबक सिखा देगी.
श्री मोदी ने आज ट्वीट किया कि संविधान की रक्षा करने के नाम पर बार-बार यात्रा निकालने वाले तेजस्वी प्रसाद यादव जिनके लिए गुलदस्ते लेकर लखनऊ गए थे, उनके इशारे पर यूपी विधानसभा में अभिभाषण के दौरान राज्यपाल पर कागज के गोले फेंके गए. वे जिस ममता बनर्जी के समर्थन में कोलकाता गए, उन्होंने गरीबों का पैसा लूटने वाले सारदा चिट फंड घोटाला की जांच में बाधा डालने के लिए CBI के अफसरों को पुलिस से पकड़वा कर संघीय व्यवस्था को तार-तार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी. सदन में राज्यपाल का अपमान करने और पुलिस आयुक्त के साथ एक मुख्यमंत्री के धरना देने से क्या संविधान की रक्षा हो रही है?
एक अन्य ट्वीट में मोदी ने कहा कि UPA सरकार के दौरान अगस्ता हेलीकाप्टर घोटाला में दलाली लेने के आरोपी क्रिश्चेन मिशेल को गिरफ्तार कर भारत लाने के बाद अब बैंकों के 9000 करोड़ लेकर लंदन भागने वाले विजय माल्या का प्रत्यर्पण भी जल्द होने वाला है. भ्रष्टाचार पर सरकार की सख्ती से कोई आरोपी बचने वाला नहीं है, लेकिन खुद को दिलासा देने के लिए घोटाला करने वाले और उन्हें संरक्षण देने वाले दल कोलकाता से पटना तक देश भर में एकजुटता रैली कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि विरोधी दलों का हर बड़ा नेता PM बनना चाहता है, पर उन सबके चेहरों पर घोटालों की छाया है. जो एक बेदाग चेहरा नहीं खोज पाये, वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्या चुनौती देंगे?



loading…

Loading…






Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *