अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले को भयावह बताते हुए कहा कि वह इस पर विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त कर रहे हैं. जबकि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने बयान जारी कर पाकिस्तान को आतंकी संगठन जैश और उसके नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने और आतंकवादी सुरक्षित ठिकानों को नष्‍ट करने को कहा है.
पुलवामा आतंकी हमले के संदर्भ में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हाँ, मैंने देखा ‘वह (आतंकी हमला) भयावह है जो एक भयानक स्थिति की ओर इशारा करता है’. मुझे उसपर कुछ रिपोर्ट्स मिली है, हम पूरी रिपोर्ट हासिल कर रहे हैं. उन सबके सामने आने के बाद हम उचित समय पर टिप्पणी करेंगे, बयान जारी करंगे. यह अच्छा होगा कि भारत और पाकिस्तान साथ आयें. उधर ट्रंप के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने एक बार फिर से आत्मरक्षा के भारत के अधिकार का समर्थन किया है.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने भारत और पाकिस्तान से अपील की है कि वे पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के हमले में 40 जवानों के शहीद होने के बाद आपस में बढ़े तनाव को कम करने के लिए ‘तत्काल कदम उठाएं. संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में दोनों पक्षों को अत्यधिक संयम बरतने और तनाव कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया. उन्होंने कहा कि यदि दोनों पक्ष राजी होते हैं तो वह मध्यस्थता के लिए हमेशा तैयार हैं.
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने भी अपने बयान में पाकिस्तान को आतंकी संगठन जैश और उसके नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने और आतंकवादी सुरक्षित ठिकानों को नष्‍ट करने को कहा है. विशिष्ट बात यह है कि राष्‍ट्रपति ट्रंप और विदेश विभाग का यह बयान उस वक्‍त आया है जब पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि इस हमले में पाकिस्‍तान हुकूमत का कोई हाथ नहीं है. साथ ही पाकिस्‍तानी PM ने भारत को उकसाते हुए कहा था कि अगर भारत हमले की सोच रहा हो तो उसे यह याद रखना चाहिए कि वह हमले की शुरुआत कर सकता है, लेकिन उसका अंत उसके हाथ में नहीं होगा.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता रॉबर्ट पैलाडिनो ने भारत के प्रति पुरजोर समर्थन व्यक्त करते हुए पाकिस्तान से हमले के जिम्मेदारों को सजा देन सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने कहा कि हम लगातार भारत सरकार के संपर्क में है. हम भारत के प्रति केवल सहानुभूति ही नहीं रखते बल्कि पूरे सहयोग का भरोसा भी दिलाते हैं. हम पाकिस्‍तान से आग्रह करते हैं कि इस हमले की जांच में वह भारत का पूरी तरह से सहयोग करे.


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