पुलवामा आतंकी हमले पर पाकिस्तान लगातार वैश्विक स्तर पर चारो ओर से घिरता जा रहा है. पेरिस में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक में आज फैसला लिया गया कि पाकिस्तान ग्रे लिस्ट में ही बना रहेगा. ज्ञात है कि हाफिज सईद के जमात-उद-दावा पर तथाकथित प्रतिबंध लगाकर पाकिस्तान ग्रे लिस्ट से बाहर आने की कोशिश कर रहा था. उसमें वह नाकामयाब रहा है.
पाकिस्तान की रेटिंग का रिव्यू एक बार फिर जून में किया जाएगा. FATF ने पाकिस्तान को चेतावनी भी दी है कि वह आतंकवाद के खिलाफ एक्शन लेने की टाइमलाइन को ना चूके, वरना उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. हालांकि उसे ब्लैक लिस्ट में शामिल किए जाने की भारत की कोशिश भी इस बैठक में सफल नहीं हो पायी. FATF ने पाकिस्तान को नसीहत दी कि जितना समय मिला है उसमें ही टारगेट पूरा किया जाए.
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे देशों को आर्थिक मदद मुहैया कराने वाली संस्था FATF की ओर से मिलने वाली रेटिंग का असर वर्ल्ड बैंक, IMF समेत कई अन्य वैश्विक संस्थाओं पर भी पड़ता है. ये सभी FATF की रेटिंग के अनुसार ही किसी देश को कर्ज देती हैं. भारत लगातार दबाव बना रहा था कि पाकिस्तान को FATF में ब्लैकलिस्टेड किया जाए.


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