पुलवामा के आतंकी हमले में 40 जवानों की शहादत के बाद पूरे देश में व्याप्त आक्रोश और गुस्से के बीच सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) ने पाकिस्तान से ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (MFN) का दर्ज छीन लिया. उधर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले की कड़ी निंदा हो रही है. अमेरिका, रूस, इजरायल, भूटान सहित दुनिया के कई देशों ने भारत के साथ खड़े रहने की बात कही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूरा देश गुस्से से खौल रहा है. आतंकवादियों ने बड़ी गलती कर दी है, इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने रक्षामंत्री के साथ खड़े होकर CCS के निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि पाकिस्तान से ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ (MFN) का दर्ज छीनने के साथ ही हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अलग-थलग करने की रणनीति और कूटनीति पर भी काम कर रहे हैं. दुनिया के सामने पाकिस्तान के आतंकपरस्ती चेहरे का पर्दाफाश किया जाएगा. 1986 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद की परिभाषा बदलने के लिए जो प्रस्ताव दिया था. उसे पास करवाने के लिए अन्य देशों पर दबाव बनाया जाएगा. गृह मंत्री शनिवार को सर्वदलीय बैठक में पुलवामा हमले पर विस्तार से चर्चा करेंगे. साथ ही प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वो बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं, मैंने सेना को खुली छूट दे दी है.
विश्‍व व्‍यापार संगठन और इंटरनेशनल ट्रेड नियमों के आधार पर व्यापार में सर्वाधिक तरजीह वाले देश को (MFN) का दर्जा दिया जाता है. MFN का दर्जा प्राप्त देश को इस बात का आश्वासन रहता है कि उसे कारोबार में कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. इसके तहत आयात-निर्यात में आपस में विशेष छूट मिलती है. MFN दर्जा प्राप्त देश के बीच कारोबार सबसे कम आयात शुल्क पर होता है. हाँलाकि WTO के सदस्य देश खुले व्यापार और बाज़ार से बंधे हैं मगर MFN के तहत देशों को विशेष छूट मिलती है.
पाकिस्तान इस समय बड़ी आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है और भारत के साथ उसका अच्छा खासा व्यापार होता रहा है. सीमा पर कितना भी तनाव रहा हो लेकिन व्यापार पर कुछ असर नहीं पड़ता. इस फैसले से पाकिस्तान को आर्थिक चोट पहुंचनी तय है. हाँलाकि भारत को भी इससे घाटा भारत हो सकता है लेकिन पुलवामा हमले के बाद भारत आर्थिक नुकसान सहकर भी पाकिस्तान को बख्शने के मूड में नहीं लगता. भारत ने पाकिस्तान को 1996 में MFN का दर्जा दिया था. दोनों देशों के बीच सीमेंट, चीनी, ऑर्गेनिक कैमिकल्स, कॉटन, फिलामेंट, सब्जी, फल, मिनरल ऑयल्स, नमक, लाइम, ड्राय फ्रूट्स और स्टील जैसे वस्तुओं का कारोबार होता है.
पुलवामा में CRPF के ढ़ाई हजार जवानों को ले जा रहे एक काफिल में शामिल वाहनों में से एक वाहन से ID भरी कार को लड़ा दिया गया. एक बहुत तेज धमाके के साथ ही 40 से ज्यादा जवान शहीद और कई घायल हो गए.


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