सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा है कि हम एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं, अगर वे भी हमारी तरह एक धर्मनिरपेक्ष देश बनना चाहते हैं तो फिर उनके पास मौका है. सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान हमसे कहता है कि हम एक स्टेप लें और वह दो लेगा, लेकिन वो जो कह रहे हैं उसमें विरोधाभास है. क्योंकि पाकिस्तान ने खुद को एक इस्लामिक देश बना लिया है. अगर पाकिस्तान को भारत के साथ रहना है तो फिर खुद को एक धर्मनिरपेक्ष देश बनाना होगा.
उन्होंने कहा कि पहला कदम उनकी ओर से एक सकारात्मक रूप से होना चाहिए. हम देखेंगे कि क्या वह कदम जमीन पर प्रभाव डाल रहा है. तब तक हमारे देश की स्पष्ट नीति है- “आतंक और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते हैं”.
बिपिन रावत ने सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका के संदर्भ में कहा कि आने वाले दिनों में सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका में निश्चित्या बढ़ोतरी दिखाई देगी. हमने अभी तक फ्रंट लाइन लड़ाई में उन्हें शामिल नहीं किया है. हाँलाकि पश्चिमी देश ज्यादा ओपन हैं. लड़के और लड़कियां यहां बड़े शहरों में एक साथ काम कर रहे हैं लेकिन सेना में लोग केवल बड़े शहरों से नहीं आते हैं. उन्होंने कहा कि लैंग्वेज इंटरप्रेटर, सैन्य कूटनीति जैसे क्षेत्रों में महिला अधिकारियों को रखना काफी फायदेमंद होगा.



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