पाकिस्तान की च्वॉइस नहीं, मजबूरी है कि वो आतंकवाद पर नतीजा देने वाली कार्रवाई करे : US

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अमेरिका के विदेश मंत्री (सेक्रेटरी फॉर स्टेट) रेक्स टिलरसन ने कहा कि आतंकवाद को पॉलिसी की तरह इस्तेमाल करने वाले देशों को ये समझ लेना चाहिए कि इससे दुनिया में उनकी इमेज खराब होती है। उन्होंने कहा कि हर सिविलाइज्ड कंट्री के लिए यह जरूरी है कि वो आतंकवाद से लड़े, यह च्वॉइस नहीं बल्कि उनकी मजबूरी है। टिलरसन ने कहा कि चीन का बर्ताव सही नहीं हैं और चीन के कदम अंतरराष्ट्रीय कानूनों, नियमों के लिए खतरा बन रहे हैं।
टिलरसन ने US के थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के एक कार्यक्रम में डोनाल्ड ट्रम्प की नई साउथ एशिया पॉलिसी का जिक्र करते हुए कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान उसके देश में मौजूद आतंकवादी गुटों पर नतीजे देने वाली कार्रवाई करेगा। आतंकी पाकिस्तान के लोगों और उसके पड़ोसियों के लिए खतरा हैं। ये किसी की च्वॉइस नहीं बल्कि मजबूरी है कि हर सभ्य देश आतंकवाद को रोके। भारत और अमेरिका इसके लिए साथ काम कर रहे हैं।
टिलरसन ने कहा कि टेरेरिज्म के खिलाफ कार्रवाई करके पाकिस्तान क्षेत्र में खुद भी शांति से रह सकता है और उसके पड़ोसी भी। इससे पाकिस्तान की इंटरनेशनल लेवल पर इमेज भी बेहतर हो पाएगी। उन्होंने अगस्त में ट्रम्प के पाकिस्तान पर दिए सख्त बयान “पाकिस्तान अमेरिकी और अफगान नागरिकों को मारने वाले आतंकियों को पनाह देता है। अगर उसने ऐसा करना बंद नहीं किया तो उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी” को भी दोहराया।
टिलरसन ने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद के खात्मे के मुद्दे पर हम कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं। भारत दुनिया के लिए एक मिसाल है। भारत के हजारों सैनिकों ने अमेरिकी फौज के साथ एंटी टेरर ऑपरेशंस के लिए ट्रेनिंग ली है। जुलाई में हमने हिज्बुल मुजाहिदीन को टेरेरिस्ट ऑर्गनाइजेशन डिक्लेयर किया था।

टिलरसन ने कहा कि इंडियन सब-कॉन्टिनेंट में दुनिया के चार बड़े मजहब हैं। भारत में कई मजहबों के लोग रहते हैं। मुस्लिम आबादी के लिहाज से भारत दुनिया की तीसरा सबसे बड़ा देश हैं। लेकिन IS जैसे आतंकी संगठन में बहुत ज्यादा भारतीय मुस्लिम नहीं हैं और यही इंडियन सोसायटी की ताकत है।
भारत अफगानिस्तान में अमेरिका की मदद कर रहा है, हम वहां भी सहयोगी हैं। हम इसके लिए उनके शुक्रगुजार हैं। ट्रम्प चाहते हैं कि भारत अफगानिस्तान में अमन कायम करने में और ज्यादा बड़ा रोल अदा करे। टिलरसन ने अनिश्चितता और तनाव के इस माहौल में भारत को भरोसा देते हुए कहा कि अमेरिका भारत का साथी है। भारत और अमेरिका दोनों वैश्व‍िक शांति, विकास और स्थायित्व के लिए साझा विजन शेयर करते हैं। भारत और अमेरिका का रिश्ता कानून का शासन, नेवीगेशन की आजादी, अंतरराष्ट्रीय सिद्धान्तों और मुक्त व्यापार पर आधारित है।
टिलरसन ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत का युवा होना, उसकी सकारात्मक सोच, ताकतवर लोकतंत्र और विश्व में भारत के बढ़ते कद की वजह से अमेरिका को भारत से दोस्ती और ज्यादा बढ़ानी होगी। भारत दौरे से पहले रेक्स अमेरिका और भारत के रिश्तों में और नजदीकी लाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की तुलना में चीन ने गलत तरीके से विकास की राह पकड़ी है। चीन ने आगे बढ़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियम कानूनों का उल्लंघन किया, जबकि भारत दूसरे देशों की संप्रभुता का भी ख्याल रखते हुए आगे बढ़ रहा है।
टिलरसन ने साउथ चाइना सी के मुद्दे पर भी चीन को जमकर लताड़ लगाते हुए कहा कि चीन के आक्रामक पहल ने उन अंतरराष्ट्रीय कानून और नियमों को चुनौती दी है, जिसके साथ भारत और अमेरिका हमेशा खड़े रहे हैं। उन्होंने चीन के साथ रिश्ते सुधारने की वकालत करने के साथ ही चेतावनी भी दी कि ऐसा नियम कानूनों के प्रति चीन की अनदेखी के रहते हुए नहीं होगा। उन्होंने कहा कि चीन के पड़ोसी और अमेरिका के साथी मुल्कों की संप्रभुता को चुनौती देने के चीन के कदमों को अमेरिका नजरअंदाज भी नहीं करेगा।


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