बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को उनके अल्पसंख्यक वाले बयान पर करारा जवाब देते हुए कहा कि हमारे देश में 70 साल से लोकतंत्र बना हुआ है और हम जानते हैं कि हमें अपनी देखभाल कैसे करनी है. उन्हें उन मुद्दों पर बात नहीं करनी चाहिए जो उनसे संबंधित नहीं हैं.
नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि मुझे लगता है कि मिस्टर खान को अपने देश पर ध्यान देना चाहिए, बजाय इसके कि वो ऐसे मुद्दों पर कमेंट करें जो उनसे ताल्लुक भी नहीं रखते. हमारे देश में 70 साल से लोकतंत्र बना हुआ है और हम जानते हैं कि हमें अपनी देखभाल कैसे करनी है.
नसीरुद्दीन शाह द्वारा भारत में भीड़ द्वारा की जाने हिंसा को लेकर की एक इंटरव्यू में गयी टिप्पणी के बाद जारी विवाद के बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री खान का बयान आया था. एक वीडियो में नसीरुद्दीन ने उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर में हुई घटना के संदर्भ में कहा था कि “कई इलाकों में हम देख रहे हैं कि एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत से ज्यादा एक गाय की मौत को अहमियत दी जा रही है, ऐसे माहौल में मुझे अपनी बच्चों के बारे में सोचकर फिक्र होती है.”
पाक PM इमरान खान ने लाहौर में एक कार्यक्रम के दौरान इस विवाद में कूदते हुए कहा कि वह मोदी सरकार को दिखा देंगे कि अल्पसंख्यकों के साथ कैसा सलूक किया जाता है. साथ ही कहा कि भारत में जो कुछ हो रहा है वह मुसलमानों के खिलाफ असहिष्णुता का उदाहरण है. खान ने कहा कि उनकी सरकार यह सुनिश्वित करेगी कि अल्पसंख्यक सुरक्षित और संरक्षित महसूस करें तथा उन्हें नये पाकिस्तान में समान अधिकार हों. उन्होंने शाह के बयान की ओर इशारा करते हुए कहा कि भारत में लोग कह रहे हैं कि अल्पसंख्यकों के साथ समान नागरिकों की तरह व्यवहार नहीं हो रहा है. यदि कमजोर को न्याय नहीं दिया गया तो इससे विद्रोह ही उत्पन्न होगा और पूर्वी पाकिस्तान के लोगों को उनके अधिकार नहीं दिये गये जो बांग्लादेश निर्माण के पीछे मुख्य कारण था.


नसीरुद्दीन शाह द्वारा देश के माहौल पर दिए गए बयान के बाद उनके काफी अच्छे दोस्त अभिनेता अनुपम खेर ने तंज भरे अंदाज में पूछा कि आखिर और कितनी आजादी चाहिए? देश में इतनी आजादी है कि सेना को अपशब्द कहे जा सकते हैं, एयर चीफ की बुराई की जा सकती है.
अल्पसंख्यक मामलों के केन्द्रीय मंत्री मुख्तार नकवी ने कहा था कि मैं समझता हूं कि उनकी भावनाएं सही हो सकती हैं लेकिन उनके शब्दों का संभवत: गलत मतलब निकाला गया और तिल का ताड़ बनाया गया. सहिष्णुता और भाईचारा हमारे देश के डीएनए में है, इस मजबूत विरासत को नष्ट करने में कोई भी सफल नहीं हुआ. देश संविधान के आधार पर आगे बढ़ रहा है, एक लोकतांत्रिक देश में किसी को डरने की जरूरत नहीं है.
उधर नसीरद्दीन शाह के कथित तौर पर देश में बढ़ रही अहिष्णुता पर दिए बयान का विरोध लगतार उग्र होता जा रहा है. बयान से नाराज उत्तरप्रदेश नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी ने उन्हें पाकिस्तान जाने की सलाह देते हुए बाकायदा कराची का टिकट भेज दिया. जानी ने कहा कि अगर नसीरुद्दीन को भारत में भय लगता है तो उन्हें पाकिस्तान जाने में देरी नहीं करनी चाहिए और इसलिए मैंने पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस यानी 14 अगस्त 2019 को उनके कराची जाने के लिए टिकट बुक कराया है.
अजमेर साहित्य सम्मेलन में नसीरुद्दीन के भाग लेने का कई संगठनों ने विरोध किया, जिसकी वजह से आयोजकों को उनका कार्यक्रम रद्द करना पड़ा. कार्यक्रम में शिरकत करने नसीरुद्दीन तय समय पर पहुंचे थे, लेकिन विरोध के चलते वह कार से भी नहीं उतर सके. प्रदर्शनकारियों ने आयोजन स्थल पर लगे नसीरुद्दीन के पोस्टरों पर स्याही पोत दिया और उन्हें फाड़ दिया. बाद में अजमेर लिटरेचर सोसाइटी के सदस्यों ने कहा कि लोगों के गुस्से और अभिनेता की सुरक्षा के मद्देनजर हमनें कार्यक्रम रद्द करने का फैसला किया है.



loading…

Loading…






Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *