पनामा केस में पाकिस्तानी PM नवाज शरीफ दोषी करार, इस्तीफा दिया

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पनामा पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद पाकिस्तानी PM नवाज शरीफ (67) ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कोर्ट ने शरीफ के साथ ही पाक वित्त मंत्री मोहम्मद इशाक डार को भी पद के लिए अयोग्य ठहराया है।
जस्टिस आसिफ सईद खोसा की अगुआई में जस्टिस एजाज अफजल खान, जस्टिस गुलजार अहमद, जस्टिस शेख अजमद सईद और जस्टिस इजाजुल अहसान वाली पांच जजों की बेंच ने नेशनल अकाउंटेबिलिटी कोर्ट को शरीफ और उनके बच्चों के खिलाफ 6 हफ्ते के अंदर केस रजिस्टर करने और 6 महीने में ट्रायल पूरा करने का आदेश दिया है। 3 बार पाक के PM रहे नवाज और उनके परिवार पर करप्शन और मनी लॉन्ड्रिंग के गम्भीर आरोप हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि शरीफ को पार्लियामेंट की मेंबरशिप से डिसक्वालिफाई किया जाता है।, लिहाजा वे प्रधानमंत्री के पद पर काबिज नहीं रह सकते। कोर्ट ने नवाज के दोनों बेटों हसन-हुसैन और बेटी मरियम पर भी करप्शन का केस दर्ज करने का आदेश दिया है। जबकि फाइनेंस मिनिस्टर इशाक डार और कैप्टन मोहम्मद सफदर को डिस्क्वालिफाई घोषित किया गया है।
इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने फैसला आते ही कोर्ट के बाहर जश्न मनाया। इमरान खान ने ट्वीट किया, “गॉडफादर की सत्ता का अंत हुआ। सच और इंसाफ की जीत हुई। केस में पिटीशन दाखिल करने वाले अवामी मुस्लिम लीग के चीफ शेख राशिद और जमात-ए-इस्लामी के चीफ सिराजुल इस्लामी भी कोर्ट में मौजूद थे।
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीके-इंसाफ (PTI) ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्टर ट्वीट किया है, जिस पर लिखा है- “इमरान खान के 21 साल के क्रिकेट करियर में हमने आईसीसी वर्ल्ड कप जीता। इमरान खान के 21 साल के राजनीतिक करियर में हम पनामा कप जीतेंगे।” साथ ही “इंसाफ के लिए 21 साल की लड़ाई आज कामयाब हुई। ये एक नई सुबह है। इमरान खान, आपके संकल्प के लिए देश आपको सलाम करता है।”


फैसला आने के पूर्व तनाव की आशंका के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट के आसपास सिक्युरिटी कड़ी करते हुए कुल तीन हजार जवान तैनात किए गये थे। पाकिस्तान में अगले साल यानी 2018 में आम चुनाव होने हैं और नवाज को करप्शन के आरोप में सुप्रीम कोर्ट ने डिसक्वालिफाई कर दिया। पाकिस्तान के इतिहास में दूसरी बार सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री को डिस्क्वालिफाई किया है, इसके पूर्व 2012 में यूसुफ रजा गिलानी डिस्क्वालिफाई हुए थे।
वैसे पाकिस्तान के इतिहास में कोई भी प्रधानमंत्री अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया है, किसी को मिलिट्री ने तो किसी को ज्यूडिशियरी ने बेदखल कर दिया है। किसी को उसकी अपनी ही पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया।
पनामा मामले की जांच कर रही 6 मेबर्स वाली ज्वाइंट इन्वेस्टीगेशन टीम (JIT) ने अपनी फाइनल रिपोर्ट 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट को सौंपी, जहाँ जस्टिस एजाज अफजल की अगुआई में 5 जजों की बेंच ने अपना फैसला 21 जुलाई को सुरक्षित रख लिया था।
आरोप है कि नवाज शरीफ के बेटों हुसैन और हसन के अलावा बेटी मरियम नवाज ने टैक्स हैवन माने जाने वाले ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में कम से कम चार कंपनियां शुरू कीं और इन कंपनियों से इन्होंने लंदन में छह बड़ी प्रॉपर्टीज खरीदी। इन प्रॉपर्टीज को गिरवी रखकर डॉएशे बैंक से करीब 70 करोड़ रुपए लोन लिया और दूसरे दो अपार्टमेंट खरीदने में बैंक ऑफ स्कॉटलैंड ने उनकी मदद की। नवाज और उनके परिवार पर आरोप है कि इस पूरे कारोबार और खरीद-फरोख्त में अनडिक्लेयर्ड इनकम लगाई गई। पनामा पेपर्स में दिखाया गया है कि इनका मैनेजमेंट शरीफ के परिवार के मालिकाना हक वाली विदेशी कंपनियां करती थीं।

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