कश्मीर के बडगाम में एक कश्मीरी युवक को जीप के बोनट पर बांधने वाले मेजर नितिन गोगोई को आर्मी चीफ जनरल विपिन रावत ने प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया. सेना मेजर को पहले ही क्लीन चिट दे चुकी थी.
मेजर नितिन गोगोई ने पत्थरबाजों से बचने के लिए एक पत्थरबाज युवक फारूक अहमद डार को जीप के बोनट से बांधकर घुमाया था. इस वीडियो को नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शेयर किया था. इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुरे देश में एक बहस छिड़ गई थी. सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने मेजर के इस फैसले की सराहना की, क्योंकि इससे बड़ी हिंसा को रोकने में काफी हद तक मदद मिली. अधिकारियों ने मेजर के कदम को उस वक्त लिया गया सही फैसला करार दिया. सेना के मुताबिक जवानों को 500 पत्थरबाजों की भीड़ ने घेर लिया था जिसमें ये युवक फारूक अहमद डार भी शामिल था. काफिले को बचाने के लिए इसे पकड़कर जीप के बोनट से बांध दिया गया.
सेना ने आर्मी कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (COI) द्वारा मामले की जांच कराए जाने का आदेश दिया था. जांच के बाद एक सैन्य अदालत ने जवानों पर होने वाली पत्थरबाजी से बचने के लिए एक पत्थरबाज युवक को जीप से बांधने वाले गोगोई को क्लीन चिट दे दी थी. पुलिस ने पत्थरबाजी से बचने के लिए सेना के एक मेजर द्वारा एक युवक को जीप के बोनट से बांधने की घटना का केस दर्ज किया था.
इस वीडियो के बाद वह वीडियो भी खूब वायरल हुआ था जिसमें चुनाव ड्यूटी से लौटे रहे सेना के जवानों के साथ स्थानीय युवक बदसलूकी और मारपीट कर रहे थे. युवक सेना के जवानों पर मुक्के और लात बरसा रहे थे, लेकिन जवानों ने संयम बरतते हुए किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की और बाद में स्थानीय पुलिस ने इस संबंध में एक मामला दर्ज किया.

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