पतंजलि ने 31 मार्च 2017 को समाप्त वित्त वर्ष में 10,561 करोड़ रुपये का कारोबार किया और अब उसने चालू वित्त वर्ष में अपनी बिक्री दो गुना 20,000 करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा हैl पातंजलि ने देशभर में अपने वितरकों की संख्या भी दोगुनी कर 12000 करने की योजना बनायी हैl
योगगुरु रामदेव ने 4 मई को कहा कि हम इस साल और दोगुनी रफ्तार से बढ़ेंगे, पतंजलि उत्पाद ज्यादातर श्रेणियों में नंबर एक होगीl कंपनी नोएडा, नागपुर और इंदौर समेत कई स्थानों पर बड़ी उत्पादन इकाइयां लगा रही है जिससे हमारी उत्पादन क्षमता वर्तमान 35,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 60,000 करोड़ रुपये की हो जाएगीl
योगगुरु ने कहा कि हमारी नोएडा इकाई की उत्पादन क्षमता 20,000 करोड़ रुपये की, नागपुर की 15,000 से 20000 करोड़ रुपये तथा इंदौर की 5000 करोड़ रुपये की होगीl कंपनी देशभर में अधिकाधिक ग्राहकों तक पहुंचने के लिए अपने वितरक नेटवर्क को 6000 से बढ़ा कर 12000 करेगीl कंपनी मसालों, दालों, वनस्पति तेलों, बिस्कुटों, कंफेक्शनरी और जूसों जैसी श्रेणियों में अपना ध्यान बढ़ाने तथा इन श्रेणियों में और उत्पादों को शामिल करने पर विचार कर रही हैl
योगगुरु ने कहा कि वित्त वर्ष 2016-17 में दिव्य फार्मेसी ने 870 रुपये की बिक्री की थीl इस वित्त वर्ष में पतंजलि घी ने 1467 करोड़ रुपये का, दंतकांति टूथपेस्ट ने 940 रुपये, केशकांति ने 825 करोड़ रुपये, हर्बल साबुन ने 574 करोड़ रुपये, कच्ची घानी सरसों तेल ने करीब 522 करोड़ रुपये, शहद ने 350 करोड़ रुपये तथा फेसवॉश ने 228 करोड़ का कारोबार कियाl उनके अनुसार दंतकांति का अब अपने श्रेणी के बाजार में 14 फीसदी हिस्सेदारी है, वहीं फेसवाश में 14 फीसदी, शैंपू में 15 फीसदी, डिशवाशर में 35 फीसदी और शहद में 50 फीसदी शेयर हैl पतजंलि देशभर में पांच विनिर्माण सुविधाओं के निर्माण के लिए 5000 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही हैl
बाबा रामदेव पतंजलि के मालिक और ब्रैंड एंबेसडर सबकुछ हैं, लेकिन उनके पास इसका कोई शेयर नहीं है, पतंजलि के असली मालिक हैं बालकृष्णl पिछले साल फोर्ब्स के अमीर भारतीयों की लिस्ट में बालकृष्ण का नंबर 48वां थाl पतंजलि के विज्ञापनों में खुद नजर आकर बाबा रामदेव 5 साल में विदेशी कंपनियों को भारत के बाजार से उखाड़ फेंकने के लिए विदेशी कंपनियों के खिलाफ जन-जागरण और पतंजलि के बाजार विस्तार पर लगातार काम कर रहे हैंl पतंजलि की तरक्की देखकर साफ लगता है कि बाबा के दावे में दम हैl रामदेव बाबा का मुकाबला एफएमसीजी दिग्गज आईटीसी, डाबर, हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले जैसी देसी और विदेशी कंपनियों से हैl
उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान में एफ़एमसीजी (फास्ट मूविंग कंज़्यूमर गुड्स) का मतलब विदेशी कंपनी हो गया था और टूथपेस्ट का मतलब कोलगेट होता थाl हमने विदेशी कंपनियों के एकाधिकार को तोड़ा है, सौंदर्य प्रसाधनों में पतंजलि का दखल लगातार बढ़ रहा हैl हमने बर्तन धोने के लिए राख और नींबू का इस्तेमाल कर विश्वास बार बनाया है, विमबार अब भूतकाल में चला जाएगाl
स्वामी रामदेव ने कहा है कि पतंजलि का टर्नओवर सुनकर विदेशी कंपनियों को कपालभाति करना होगाl हमारी कंपनी का उत्तराधिकारी कोई व्यापारी नहीं बल्कि कोई संन्यासी ही होगाl पतंजलि शहीद के बच्चों के लिए एनसीआर में आवासीय स्कूल खोलेगा तथा जम्मू-कश्मीर में पतंजलि एक प्लांट लगायेगाl
पातंजलि आयुर्वेद का सबसे बड़ा केंद्र हरिद्वार में हैl पतंजलि फ़ूड एंड हर्बल पार्क में अलग-अलग तरह की कई इकाइयां कार्यरत हैंl पतंजलि देश के कई राज्यों में नए प्लांट और फ़ूड पार्क लगाने जा रही हैl
पतंजलि आयुर्वेद को असम के तेजपुर में हर्बल और मेगा फ़ूड पार्क के लिए 150 एकड़ ज़मीन मिल चुकी हैl बताया जाता है कि अपनी पूरी योजना को मूर्तरूप देने के लिए असम के उद्योग मंत्री चंद्र मोहन पटवारी से 33 एकड़ और ज़मीन मांगी गयी हैl 1,200 करोड़ रुपए के इस फ़ूड पार्क में 10 लाख टन सालाना क्षमता की मैन्युफ़ैक्चरिंग इकाई लगेगी, इसके मार्च तक ऑपरेशनल हो जाने की संभावना हैl
उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले साल नवंबर में पतंजलि आयुर्वेद को ग्रेटर नोएडा में 2,000 करोड़ रुपए का फ़ूड पार्क बनाने की इजाज़त दी है साथ ही यूनिट के लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर भी 450 एकड़ ज़मीन देगी, इकाई सालाना 25 हज़ार करोड़ रुपए के उत्पाद तैयार करेगीl मध्य प्रदेश ने पतंजलि आयुर्वेद को अपने यहां धार ज़िले में 500 करोड़ की फ़ूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए 400 एकड़ ज़मीन देने वाली हैl महाराष्ट्र के नागपुर में पतंजलि मेगा फ़ूड और हर्बल पार्क की आधारशिला रखी जा चुकी है, जो 230 एकड़ में फैला होगाl यहां से पतंजलि आयुर्वेद को मध्य और पश्चिमी भारत के प्रमुख बाज़ारों तक पहुंचने में काफी सुविधा होगीl
दक्षिण भारत में अपने पैर जमाने के लिए आंध्र प्रदेश के कृष्णापटनम पोर्ट और उसके आसपास के इंडस्ट्रियल एरिया में पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण हाल ही में घूमने गये थेl कंपनी नेपाल में भी पैर पसारने की योजना बना रही हैl स्कॉटलैंड में पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के पास एक आईलैंड भी हैl माना जाता है कि यूरोप में बाबा रामदेव के ट्रस्ट का कारोबार देख रहे सैम और सुनीता पोद्दार ने लिटिल कंब्री आइलैंड को दान दिया हैl इस ख़ूबसूरत द्वीप पर पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के निर्देशन में अंतरराष्ट्रीय योगा केंद्र बनाने की योजना हैl

loading…



Loading…




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *