पटना के गांधी मैदान में ‘दीन बचाओ-देश बचाओ’ रैली

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इमारते शरिया और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने इस्लाम और राष्ट्र को खतरे में बताते हुए बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में ‘दीन बचाओ, देश बचाओ’ रैली का आयोजन किया.
तीन तलाक से लेकर कानून व्यवस्था की स्थिति, संविधान और इस्लाम पर खतरे के मुद्दों पर आक्रामक AIMPLB और इमारत शरिया ने हिन्दू-मुस्लिम सौहार्द और भाईचारे के खिलाफ खड़ी ताकतों के खिलाफ लोगों को सचेत करने के लिए आयोजित इस रेली का उद्घाटन अमीर-ए- शरीयत मौलाना मोहम्मद वली रहमानी ने किया.
“दीन बचाओ, देश बचाओ” के नाम पर आयोजित इस रैली को एक गैर राजनीतिक कार्यक्रम बताते हुए इमारत शरिया के नाजिम अनीसुर रहमान कासमी ने कहा कि इसे राजनीति से जोड़कर न देखा जाए.
मौलाना उमरेन महफूज रहमानी ने कहा कि अररिया, फूलपुर और गोरखपुर में जनता ने केंद्र को तीन तलाक दे दिया है. उन्होंने कहा कि कौम कमजोरों की हिफाजत के लिए आगे आये। इस मौके पर अबू तालिब रहमानी ने कहा कि जिस का पिता मजबूत होता है उसके वंशज भी मजबूत होते है. उन्होंने आगे कहा कि 5 लाख मुस्लिम महिलाओं ने हस्ताक्षर कर केंद्र को दिया फिर भी तीन तलाक बिल को लाकर सारी मसाइल के हल निकालने का दावा किया जा रहा. हमे दीन और देश दोनों को बचाना है.
बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने कहा कि ‘हमने चार साल इंतजार किया और सोचा कि बीजेपी संविधान के तहत देश चलाना सीख लेगी. मुसलमानों के पर्सनल लॉ पर हमला किया जा रहा है. देश के साथ-साथ इस्लाम पर भी खतरा है.


कार्यक्रम में शामिल मुस्लिम नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमारे धर्म और शरीयत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. हम सभी लोग शरीयत में हस्तक्षेप के हर प्रयास की निंदा करते हैं. हमारी मांग है कि सरकार अपने रवैये में बदलाव करे. भीड़ द्वारा हिंसा और कुछ बेलगाम नेताओं के बयान के द्वारा देश के मुसलमानों, दलितों और शोषित वर्ग में भय पैदा करने की कोशिश की जा रही है. सरकार से हमारी मांग है कि समाज में समानता कायम करने की कोशिश करे.
नेताओं ने कहा कि एक ओर सरकार महिलाओं की सुरक्षा की बात करती है और दूसरी ओर देश में मासूम बच्चियां तक सुरक्षित नहीं है. उत्तरप्रदेश और जम्मू में हुई घटना की निंदा करते हुए मांग की गयी कि इसके अपराधियों को कठोर से कठोर सजा दी जाए ताकि दोबारा आगे से ऐसी कोई घटना न हो.
रैली में शामिल होने के लिए बिहार समेत देश के कोने-कोने से लोग सुबह से ही लोग गांधी मैदान पहुंचने लगे. अलग-अलग धर्मों के लोगों को संविधान के मुताबिक जो रीति-रिवाज मानने का अधिकार मिला है. वह कायम रहे और उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ ना हो मसलन तीन तलाक पर एक राय बनाने की कोशिश वक्ताओं के द्वारा की जायेगी.
कार्यक्रम के दौरान बड़े पैमाने पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं, 350 पुलिस पदाधिकारी, 5000 सुरक्षाकर्मी व 300 दंडाधिकारिओं 350 की तैनाती की गई है. बड़ी संख्या में एंबुलेंस के साथ चिकित्सक भी तैनात किए गए.

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