इलाहाबाद हाई कोर्ट की 150वीं सालगिरह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि न्याय व्यवस्था में तकनीक का उपयोग हो, मोबाइल फोन पर SMS से डेट लेने- देने की परंपरा क्यों न शुरू करें?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को संगम नगरी इलाहाबाद में पीएम मोदी इलाहाबाद हाई कोर्ट की 150वीं सालगिरह के मौके पर बोल रहे थेl उनके साथ चीफ जस्टिस जेएस खेहर, कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद और मुख्यमंत्री योगी भी मौजूद थेl
इस मौके पर मोदी ने कहा कि सालभर चला ये समारोह समापन के साथ नई ऊर्जा, नई प्रेरणा, नए संकल्प और नए भारत के सपने को पूरा करने ताकत बन सकता हैl भारत का जो न्याय विश्व है, उस न्याय विश्व में इलाहाबाद, 150 साल पुरानी कोर्ट, भारत के न्याय विश्व का तीर्थ क्षेत्र हैl उस तीर्थ क्षेत्र में महत्व के पड़ाव को आप सबके बीच आकर के आपको सुनने और समझने का अवसर मिला, मैं इसे अपना गौरव मानता हूंl मोदी ने यहां ज्यादा से ज्यादा तकनीक का उपयोग करने पर जोर दियाl उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था में तकनीक का उपयोग होl मोबाइल फोन पर, एसएमएस पर डेट लेने देने की परंपरा शुरू करेंl तकनीक से वकीलों का काम आसान हुआ हैI




मोदी ने कहा कि चीफ जस्टिस साहेब अभी दिल की बात बता रहे थे और मैं मन से सुन रहा थाl मैं उनके हर शब्द में पीड़ा अनुभव कर रहा था, कुछ कर गुजरने के इरादे को अनुभव कर रहा था और मुझे विश्वास है कि भारत के न्याय क्षेत्र में उनके संकल्प पूरे होंगेl जहां तक सरकार का सवाल है जिस संकल्प को लेकर प्रेरित कर रहे हैं, हम उसे पूरा करने का भरपूर प्रयास करेंगेl
मोदी ने कहा कि मैं नए कानून कितने बनाऊंगा ये मुझे मालूम नहीं है लेकिन कहा था कि PM बन गया तो हर दिन एक कानून खत्म जरूर करूंगा. इस बोझ को कैसे कम किया जाएगा, चीफ जस्टिस भी इसी लेकर चिंतित हैंl हमको खुशी है कि 3 साल पूरे नहीं हुए हैं और अभी तक 1200 कानून खत्म कर चुके हैंl
मोदी ने कहा कि आजादी के 70 साल पूरे हो गएl 2022 में आजादी के 75 साल होंगे, इलाहाबाद से देश को प्रेरणा मिल सकती है क्या? जो ललक, जुनून आजादी के आंदोलन के वक्त दिखती थी क्या इन पांच सालों में ये जज्बा पैदा कर सकते हैं कि हिंदुस्तान को यहां ले जाएंगेl जो जहां है वहां, वहीं से 2022 के लिए रोड मैप, संकल्प तय कर सकता हैl
मोदी ने कहा कि 50 साल पहले डॉक्टर राधा कृष्णन ने कहा था कि कानून एक ऐसी चीज है जो लगातार बदलती रहती है, कानून लोगों के स्वभाव के अनकूल होना चाहिएl पारंपरिक मूल्यों के अनकूल होना चाहिए, साथ ही कानून को आधुनिक चुनौतियों का भी ध्यान रखना चाहिएl कानून की समीक्षा के वक्त इन सब बातों पर ध्यान रखना चाहिएl किस तरह की जिंदगी हम गुजारना चाहते हैं? कानून का अंतिम लक्ष्य क्या है? सभी लोगों का कल्याण, सिर्फ अमीर लोगों का कल्याण नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक का कल्याण, यही कानून का लक्ष्य है, इसे पूरा किए जाने का प्रयास किया जाना चाहिएl




मोदी ने न्याय व्यवस्था में तकनीकी को बढ़ावा देने की बात करने के क्रम में कहा कि योगी आदित्यनाथ का नाम लेते हुए कहा कि क्यों न वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई हो, जेल से कैदियों को कोर्ट में लाना, मार्ग में क्या-क्या होता है सब जानते हैं. योगी जी आएं हैं तो शायद वो बंद होगाl
इस मौके पर UP के CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कानून से बड़ा कोई नहीं होता हैl इस समारोह में शामिल होना सौभाग्य की बात हैl कानून का स्थान शासकों से ऊपर होता हैl कानून शासकों का शासक हैl वादियों को निष्पक्ष न्याय देना हमारा कर्तव्य हैl कानून से ही समाज चलता हैl न्याय और विधि एक-दूसरे के पूरक हैंl न्याय व्यवस्था देश और समय के साथ बदलती रही हैl इलाहाबाद हाई कोर्ट देश का सबसे बड़ा हाई कोर्ट है, जिसने कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैंl
इस अवसर पर CJI खेहर ने जजों की कमी पर चिंता जताते हुए कहा कि हाई कोर्ट और निचली अदालतों के जजों पर भारी बोझ हैl उन्होंने कोर्ट में लंबित मामलों पर भी चिंता जताईl इस दौरान उन्होंने कहा कि PM मन की बात करते हैं, देश सुनता है, अब मुझे मेरे दिल की बात करने देंl चीफ जस्टिस ने लंबे समय से लंबित पड़े मामलों से निपटने के लिए जजों को छुट्टी में भी मामले निपटाने के लिए कहाl



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