नीतीश को बिना शर्त समर्थन देगी भाजपा, सूमो होंगे उपमुख्यमंत्री

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सुशील कुमार मोदी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नीतीश कुमार को समर्थन देगी. इस बीच जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के विधायक राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं.
दिल्ली में संसदीय दल की बैठक के बाद बिहार में भाजपा के शीर्ष नेता सुशील कुमार मोदी को इस बारे में जानकारी दी गई. जिसके बाद उन्होंने नीतीश को बिना शर्त समर्थन देने का ऐलान करते हुए कहा कि भाजपा नीतीश सरकार में शामिल होगी और नीतीश ही विधायक दल के नेता चुने जाएंगे.
इस बीच खबर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर भाजपा और जदयू के विधायकों की बैठक चल रही है जिसके बाद वे राज्यपाल से मिल सकते हैं और संभावना है कि रातों- रात बिहार में राजग- जदयू की सरकार बन जाए.


इसके पूर्व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को अपना इस्तीफा सौंप दिया. इसके साथ ही बिहार की 20 महीने पुरानी महागठबंधन की सरकार गिर गई. महागठबंधन में जदयू, राजद और कांग्रेस शामिल थीं. राजद अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के बेटे और उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में CBI की छापेमारी के बाद तेजस्वी के इस्तीफे की मांग उठी पर राजद और तेजस्वी ने इस्तीफा देने से मना कर दिया. जिसे लेकर महागठबंधन में दरारें पैदा हो गई थीं और अंतत: नीतीश ने इस्तीफा दे दिया.
बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि जितना संभव हो सका, उन्होंने गठबंधन धर्म का पालन करने की कोशिश की, लेकिन बीते घटनाक्रम में जो चीजें सामने आईं उसमें काम करना मुश्किल हो गया था. मैंने इन 20 महीनों में जितना हो सका, सरकार चलाने की कोशिश की. लेकिन इस बीच जो हालात बने, जिस तरह की चीजें उभरकर सामने आईं, उसमें काम करना, नेतृत्व करना संभव नहीं रह गया था.
नीतीश ने कहा कि हमने कभी किसी का इस्तीफा नहीं मांगा था, बल्कि उनका पक्ष मांगा था. लालू जी से बातचीत होती रही, तेजस्वी भी मिले. मैंने कहा कि जो भी आरेाप लगे हैं, उसे ‘एक्सप्लेन’ कीजिए. आम जन के बीच जो अवधारणा बन रही है, उसके लिए यह जरूरी है. वो नहीं हुआ. हमारी लालू जी या राजद के साथ कोई संवादहीनता नहीं है. अब उस पर यह बात होती है कि संकट में रक्षा कीजिए. यह कोई संकट नहीं है, यह अपने आप लाया गया संकट है. कुछ भी हो उसे स्पष्ट करना चाहिए.

नीतीश कुमार के इस्तीफे से बौखलाए राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने उनको आड़े हाथों लेते हुए उन पर आरोपों की बौछार कर दी. नीतीश कुमार पर बात से पलटने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर अपने बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए नीतीश के सुशासन व पारदर्शिता के दावे पर ही सवाल खड़ा किया. लालू ने कहा कि नीतीश कुमार पटना के पंडारक थाने में वर्ष 1991 में एक हत्या के मामले में आरोपी हैं और अदालत ने संज्ञान भी लिया है. ऐसे में उनका मुख्यमंत्री बने रहना कहां का जीरो टॉलरेंस था. नीतीश अपने पद का इस्तेमाल कर उस मामले को दबाए हुए हैं.
जदयू प्रदेश में भाजपा के साथ सरकार बना सकती है और ऐसे में भाजपा के शीर्ष नेता सुशील कुमार मोदी फिर से उप-मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं. 2005 में बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सत्ता में आई और सुशील कुमार मोदी को बिहार भाजपा प्रदेश का नेता चुना गया. इसके बाद उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा देकर बिहार के उप-मुख्यमंत्री का पद संभाला था. मोदी को वित्त विभाग के साथ अन्य कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. 2010 में भी राजग ने बिहार विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की और सुशील कुमार मोदी बिहार के उप-मुख्यमंत्री पद पर बने रहे.

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