नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह हैं : राजद

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बिहार के चर्चित सृजन घोटाले के खिलाफ भागलपुर के सैंडिस कंपाउण्ड स्टेडियम में राजद के ‘सृजन के दुर्जनों का विसर्जन रैली’ में राजद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भ्रष्टाचार का भीष्म पितामह बताते हुए उनसे और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी से इस्तीफा मांगा गया. रैली को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव, रघुवंश सिंह समेत पार्टी के अन्य नेताओं ने संबोधित किया.
रैली को संबोधित करते हुए पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि सृजन में नीतीश कुमार पूरी तरह फंस चुके हैं, इसी बात का फायदा उठाकर भाजपा ने उन्‍हें ब्‍लैकमेल किया और वे महागठबंधन तोड़कर NDA में चले गये. सृजन घोटाले की खबर भाजपा के नेताओं को थी. BJP ने कहा कि सृजन घोटाला में आपका नाम सामने आ रहा है, यदि हमारे साथ नहीं आये तो जेल जाना पड़ेगा. BJP ने ब्‍लैकमेल किया और नीतीश उसके साथ चले गये.
राजद सुप्रीमो ने सवाल किया कि नीतीश कुमार, सुशील मोदी और अश्विनी चौबे पर सृजन घोटाला मामले में अब तक मामला दर्ज क्यों नहीं किया गया है? भाजपा सांसद निशिकांकत दुबे भागलपुर में बड़ा मॉल बना रहा है, उसमें सृजन का पैसा लगा है. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. मेरे उपर तरह-तरह के मामले दर्ज करवाये जा रहे हैं. मैं नरेंद्र मोदी की घुड़कियों से डरने वाला नहीं हूं. 20 साल से केस झेल रहा हूँ. जब इतने दिन नहीं डरे तो अब क्‍या डरेंगे, फांसी पर चढ़ जायेंगे, लेकिन नरेंद्र मोदी मोदी को धूल चटाकर ही दम लूंगा.
उन्होंने कहा कि रैली को बाधित करने का प्रयास दिल्ली से CBI का इस्तेमाल कर किया गया. मुझे और तेजस्वी को दिल्ली आने का समन भेजा गया. हमारे 80 विधायक और नीतीश के 71, फिर भी हमने वही किया जो कहा था. लोग कहते हैं कि मुझे पुत्र मोह है. यदि ऐसा होता तो मैं उसी समय तेजस्‍वी को मुख्‍यमंत्री बनाने की बात करता, लेकिन ऐसा नहीं किया. हमने तिलक लगाकर उसे (नीतीश कुमार) बिहार की गद्दी सौंप दी.
बिहार के बच्‍चे अस्‍पतालों में मर रहे हैं, डॉक्‍टर नहीं, दवा नहीं और नीतीश कुमार राजगीर के तपोवन में जाते हैं प्राकृतिक चिकित्‍सा करवाने. मुख्‍यमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए कि उनके और प्राकृतिक चिकित्‍सक जेता सिंह के बीच क्‍या संबंध है?
नोटबंदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इसमें पूंजीपतियों का पैसा सफेद हो गया और गरीब आदमी लाइन में लगकर मर गया. नीतीश कुमार ने सिपाही बनने के लिए इंटर की परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया है. हमारी सरकार आयेगी तो फिर से नन-मैट्रिक पास वालों को सिपाही बनाया जायेगा.
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सृजन घोटाला में नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के भीष्म पितामह हैं. जब तक बिहार की जनता सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन नहीं करेगी तब तक इस मामले से पर्दा नहीं उठेगा. तेजस्‍वी ने क‍हा कि सृजन के माध्यम से करीब 2000 करोड़ का घोटाला हुआ है. CBI पर सृजन घोटाले का रफा दफा करने का प्रेशर पड़ रहा है. सृजन घोटाला व्यापम घोटाले से भी बड़ा है. इससे जुड़े लोगों की रहस्यमयी तरीके से मौत हो रही है, यह सब साजिश है. नीतीश ने अपने अधिकारियों का SIT बनाकर सृजन मामले की जांच करने को भेजा था. वास्तव में उनलोगों को सबूत नष्ट करने को कहा गया था.

तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी से इस्तीफा मांगते हुए कहा कि नीतीश जी जनता की आवाज सुनिए, जनता आपका इस्तीफा मांग रही है. तेजस्‍वी तो एक बहाना था, असली मकसद तो भाजपा के साथ जाना था. जिससे सृजन घोटाले को छुपाया जा सकें. जब हम सरकार में थे तो इन्‍हें घोटाला करने का मौका नहीं मिल रहा था. उन्‍हें घोटाला करने वाला पार्टनर चाहिए था. इस‍लिए वे भाजपा के साथ चले गये. नीतीश कुमार से सवाल करते हुए तेजस्‍वी ने पूछा कि जब सृजन घोटाला हुआ तो कहां गया था आपका अंतरात्‍मा. आपको तो इस्‍तीफा देना चाहिए था.
तेजस्वी ने कहा कि सत्ता के नशे में आज बिहार की सरकार अंधी हो गयी है. पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार, सुशील मोदी, शहनवाज हुसैन, निशिकांत सभी ने मिलकर सृजन के माध्यम से खजाना लूटा. इस मामले में नीतीश कुमार, सुशील मोदी और गिरिराज सिंह पर क्यों FIR दर्ज नहीं की जा रही है, इनके ठिकानों पर छापेमारी नहीं हो रही है और न किसी से पूछताछ की जा रही है?
सुशील मोदी पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा कि भले ही थोड़ा वक्त लगेगा, लेकिन सच सबके सामने आयेगा. पहले जब इस मामले में जांच के लिए पत्र लिखा गया था तो नीतीश कुमार ने कार्रवाई क्यों नहीं की. आज CBI को इस मामले में जांच सौंपे जाने की बात कही जा रही है. जबकि सच्चाई है कि सृजन के माध्यम से इतनी बड़ी राशि का गबन किया गया है कि वैसे भी यह मामला CBI के पास ही जाता.
इससे पहले पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने लालू यादव के अंदाज में मंच से रैली को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार और भाजपा पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि RSS को खत्म करने के लिए ही DSS बनाया है. तेज प्रताप ने कहा कि प्रकाश उत्सव के दौरान मेरे पिता जी को नीचे बैठाया गया.
राजद के झंडा और बैनर से पाट दिए गये राजद की रैली में लालू प्रसाद के करीब पहुंचने की होड़ में भीड़ बेकाबू हो गयी और नजदीक पंहुचने के लिए लोग बैरिकेडिंग तोड़कर डी एरिया में घुस गए. सुरक्षा में तैनात जवानों ने किसी तरह लोगों को लालू के पास जाने से रोका. सुरक्षाकर्मी लोगों से डी एरिया खाली करने को कहते रहे, लेकिन कोई सुनने को तैयार न था, इसके बाद लालू ने माइक उठाया और अपने समर्थकों से डी एरिया खाली करने को कहा. मंच पर राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह समेत पार्टी के अन्य नेता भी मौजूद थे.
सृजन महिला विकास सहयोग समिति की स्थापना 1996 में ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक, नैतिक, शैक्षणिक विकास के लिए काम करने हेतु हुयी. इसका उद्देश्य संगठनात्मक कार्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्वरोजगार, बचत व साख, उत्पादन व मार्केटिंग, साक्षरता, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में काम करना था, लेकिन संस्था इसकी आड़ में सरकारी फंड का बैंक की मिलीभगत से अपने खाते में लाकर उसका दुरुपयोग कर रही थी.
जिला प्रशासन का अलग-अलग बैंकों में योजनावार खाता संचालित होता है, लेकिन बैंक, जिला प्रशासन और सृजन के गठजोड़ से इन योजनाओं की जमा राशि को सरकारी खाते से निकाल कर उसे सृजन के खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था. सृजन इन पैसों को अलग-अलग लोगों को दे देती थी, जिसके सहारे कई लोगों ने शहर में बड़ा रोजगार खड़ा कर लिया, शोरूम खोले और होटल बनाया. सरकारी खातों से पैसे निकल जाने के बाद भी खातों में बैलेंस जस का तस बताया था. जिला प्रशासन को जब पैसे की जरूरत होती तो सृजन से पैसा सरकारी बैंक अकाउंट में डाल दिया जाता.
फरवरी 2017 में सृजन की सचिव मनोरमा देवी का अचानक निधन हो गया. इसके बाद कई लोगों ने उनके पैसे हड़प लिये. बैंक से योजनाओं के पैसे की मांग होने लगी, सृजन की सचिव प्रिया कुमार बैंकों को पैसे दे नहीं पाई तो इस गोरखधंधे का राज खुला. सीबीआई इस घोटाले की जांच कर रही है.

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