नीतीश कुमार ने बिहार के CM पद से दिया इस्तीफा

 84 


महागठबंधन में दरार के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के राज्यपाल केसी नाथ त्रिपाठी को अपना इस्तीफा दे दिया.
नीतीश कुमार के नेतृत्व में शाम पांच बजे से जदयू विधायक दल की बैठक हुई और उस बैठक से निकल CM सीधे राजभवन गये और राज्यपाल केसी नाथ त्रिपाठी को अपना इस्तीफा सौंप दिया. राजद विधानमंडल दल की बैठक भी आज ही दोपहर में हुई, जिसमें पार्टी के सभी विधायकों और विधान पार्षदों ने हिस्सा लिया.
मुख्यमंत्री ने इस्तीफा देने के बाद कहा कि मैंने गठबंधन धर्म का पालन किया, मैंने अपनी ओर से सर्वोत्तम प्रयास किया लेकिन इस माहौल में काम करना संभव नहीं था. हमने गठबंधन बचाने की पूरी कोशिश की, राहुल गांधी से भी चर्चा की, तेजस्वी को अपने ऊपर लगे आरोपों पर जवाब देना चाहिए था. तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर कहा कि मैंने कभी किसी का इस्तीफा नहीं मांगा. हमने अपनी सोच के उपर स्टैंड लेते हुए अपनी अंतर्रात्मा की अवाज़ पर इस्तीफा दे दिया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं किसी को दोष नहीं दे रहा हूं, ये कोई संकट नहीं है ये बनाया गया संकट है. हमने सोच लिया जो हमारे लिए उपयुक्त जगह नहीं ऐसी जगह से खुद ही हट जाएं. नोटबंदी के बाद हमने बेनामी संपत्ति का भी समर्थन किया. विपक्षी एकता कोई एजेंडा नहीं था, यहां तक कि रामनाथ कोविंद को समर्थन देने पर भी हमारा विरोध हुआ. आगे बिहार के हित में जो होगा फैसला लेंगे.


इसके पूर्व राजद विधानमंडल दल की बैठक के बाद राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने अपने खास अंदाज में कहा कि हमने ही महागठबंधन बनाया है, नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया है और हम ही इसे ढाह देंगे, ऐसा कहीं होता है क्या? यह महागठबंधन पांच साल के लिए बना है, हमने महागठबंधन का भार नीतीश कुमार को दिया था, उनसे भार नहीं उठ रहा तो बोलें. उन्होंने कहा कि जब बिहार में महागठबंधन की जीत हुई थी तो साफ था कि पांच साल के लिए सरकार बनाई गई है.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कभी भी उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद का इस्तीफा नहीं मांगा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे, यह राजद विधानमंडल की बैठक में तय हो चुका है. संवाददाता सम्मेलन में लालू ने महागठबंधन में किसी प्रकार की टूट से इनकार करते हुए कहा कि महागठबंधन में कोई टूट वाली बात नहीं है. मैं रोज नीतीश कुमार से बात करता हूं, कल ही रात को हमारी बात हुई.
लालू ने नीतीश के साथ किसी भी तल्खी से इनकार करते हुए कहा कि उनके और नीतीश के संबंधों में कोई खटास नहीं है. उन्होंने कहा कि नीतीश का अनादर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यह सब मीडिया के लोगों के दिमाग की उपज है. नीतीश कुमार हमारे नेता हैं, मुझे और तेजस्वी को जहां बोलना होगा बोलेंगे.

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें

loading…


Loading…



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *