बिहार में महागठबंधन की दरार बढ़ती जा रही है। राजद के बाद अब कांग्रेस ने भी नीतीश पर हमला बोलते हुए उन्हें कई विचारधाराओं में यकीन करने वाला व्यक्ति बताया है।
कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद ने मीरा कुमार की दावेदारी को पुख्ता ठहराते और नीतीश पर निशाना साधते हुए कहा कि हराना उनका काम है, हमारा नहीं। उन्होंने अपने ही राज्य की बेटी को हराने का पहले ही ऐलान कर दिया।
आजाद ने कहा कि नीतीश कुमार कई विचारधाराओं में यकीन करके निर्णय लेते हैं। उन्होंने कहा जबकि जो लोग एक सिद्धांत में यकीन करते हैं, वे एक फैसला करते हैं, लेकिन जो कई विचारधाराओं, सिद्धांतों में यकीन करते हैं वे अलग-अलग फैसले करते हैं।
महागठबंधन में JDU और RJD के नेता एक दुसरे पर निशाना साध रहे थे, पर कांग्रेस अभीतक इससे दूर रहते हुए खामोश थीl कांग्रेस को उम्मीद थी कि नीतीश कुमार अपने फैसले पर पुनर्विचार करेंगेl कांग्रेस ने अपनी खामोशी तोड़ते हुए यह सन्देश देने का प्रयास किया है कि राष्ट्रपति चुनाव के बाद कांग्रेस बिहार में महागठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले सकती हैl

नीतीश कुमार द्वारा NDA उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की उम्मीदवारी का समर्थन करने के बाद विपक्षी एकता में दरार पड़ गई। साथ ही नीतीश कुमार कह चुके हैं कि वे अपना फैसला नहीं बदलेंगे। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव नीतीश के फैसले को ऐतिहासिक भूल बता चुके हैं। उनकी पार्टी के एक विधायक ने हमला बोलते हुए कहा था कि ऐसा कोई सगा नहीं जिसे नीतीश ने ठगा नहीं।
शुरुआत में विपक्षी एकता के पैरोकार रहे नीतीश ने विपक्ष को ही कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार की बेटी को हराने के लिए उम्मीदवार बनाया है। नीतीश यह भी कह चुके हैं कि विपक्ष को वर्ष 2019 की जीत को ध्यान में रखकर रणनीति बनाना चाहिए था लेकिन विपक्ष ने चूक करते हुए हार की बुनियाद रख दी है। राष्ट्रपति पद पर मीरा कुमार की दावेदारी के खिलाफ नीतीश कुमार की बयानबाजी के चलते ही लालू व कांग्रेस दोनों नाराज हैं।

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