निर्मला सीतारमण बनीं इंदिरा गाँधी के बाद दूसरी महिला रक्षा मंत्री

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मोदी कैबिनेट में फेरबदल के बाद निर्मला सीतारमण को रक्षा मंत्री बनाया गया है। इंदिरा गांधी के बाद रक्षा मंत्री बनने वाली सीतारमण दूसरी महिला हैं।
निर्मला सीतारमण देश की पहली पूर्णकालिक रक्षा मंत्री बनीं. इससे पहले, प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने दो बार 1975 और 1980-82 में इसे संभाला था, लेकिन वो पूर्णकालीन रक्षा मंत्री नहीं थीं. रक्षा मंत्री होने के नाते निर्मला केंद्रीय मंत्रिमंडल की सबसे शक्तिशाली सुरक्षा संबंधी समिति (CCS) की सदस्य भी होगीं.
धर्मेंद्र प्रधान को भी अच्छे काम का तोहफा मिला और उन्हें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अलावा कौशल विकास और उद्यमिता की भी जिम्मेदारी मिली है. मोदी सरकार के बीते तीन साल की उपलब्धियों में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना बेहद अहम रही. सरकार बनने के बाद सब्सिडी को सीधे खाते में हस्तांतरित करने की पहल हुई, जिसके जरिए फर्जी कनेक्शनों को रोक कर सरकार ने 21,000 करोड़ रुपए बचाए. धीरे-धीरे यह योजना केन्द्र सरकार की फ्लैगशिप योजना बन गई.
रेल मंत्री बनाए गये पीयूष गोयल के पास कोयला मंत्रालय भी रहेगा. ऊर्जा मंत्रालय में उनके काम को देखते हुए उन्हें रेलवे जैसे अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है. पीयूष गोयल को बिजली और कोयला क्षेत्रों में सुधारों को लागू करने का श्रेय दिया जाता है. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के रिकॉर्ड विद्युतीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. राज्य के ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (REC) के अनुसार, 20, जून 2017 तक 13,685 गांवों का विद्युतीकरण किया जा चूका है और अब मात्र शेष 4,141 गांवों को 2018 तक विद्युतीकृत किया जाना है.
नितिन गडकरी भी इस बदलाव से लाभ में रहे. सड़क परिवहन, राजमार्ग व जहाजरानी के अलावा गडकरी को अब नदी का विकास और गंगा कायाकल्प की भी जिम्मेदारी मिल गई है. सूचना और प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को खेल मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार मिला है, साथ ही वो सूचना प्रसारण मंत्रालय में राज्य मंत्री का कार्यभार भी संभालते रहेंगे. विजय गोयल को खेल मंत्रालय की जगह संसदीय कार्य राज्य मंत्री का प्रभारी बनाया गया है. सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्यम विभाग में राज्य मंत्री रहे गिरिराज सिंह को अब स्वतंत्र प्रभार मिल गया.
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे मुख्तार अब्बास नकवी पर भरोसा जताते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में प्रोन्नत किया है. देश में आपातकाल के दौरान आंदोलनों में हिस्सा लेते हुए राजनीति में कदम रखने से लेकर केंद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने तक का सफर तय करने वाले नकवी को भाजपा का प्रमुख अल्पसंख्यक चेहरे माना जाता है.
सुरेश प्रभु को रेल मंत्रालय के स्थान पर वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय का प्रभार मिला, जिसे निर्मला सीतारामण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार के रूप में संभाल रही थीं. उमा भारती को. जल संसाधन, नदी के विकास और गंगा कायाकल्प मंत्रालय के स्थान पर पेयजल और सफाई की जिम्मेदारी दी गई है.
फेरबदल के बाद आरके सिंह- ऊर्जा मंत्री(स्वतंत्र प्रभार), अल्फाेन्स कन्ननथानम- पर्यटन/सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री(स्वतंत्र प्रभार), तथा हरदीप पुरी- शहरी विकास मंत्रालय(राज्यमंत्री) बनाए गये हैं।


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