बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को भारत की यात्रा पर आए मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के सम्मान में आयोजित दोपहर के भोज में शामिल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कीl
कुमार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से शुक्रवार को आयोजित भोज में शामिल नहीं हुए थे, वहाँ उन्होंने जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव को भेजा थाl हालांकि इससे पहले राष्‍ट्रपति चुनावों की सुगबुगाहट शुरू होने के बाद वह कांग्रेस अध्‍यक्ष से मुलाकात करने वाले सबसे पहले नेताओं में शुमार थेl जिसके बाद जदयू की तरफ से शरद यादव ने भी कांग्रेस अध्‍यक्ष से मुलाकात की थीl
इन सबके बाद राष्‍ट्रपति चुनाव की चर्चाओं और 2019 के आम चुनावों के मद्देनजर नरेंद्र मोदी के खिलाफ किलेबंदी के लिहाज से जब सोनिया गांधी के लंच के बुलावे पर विपक्षी दलों का सियासी जमावड़ा हुआ तो नीतीश कुमार पूर्व निर्धारित सरकारी कार्यक्रमों में व्‍यस्‍तता के कारण कार्यक्रम में नहीं पहुंच सकेl उनकी गैरमौजूदगी से सवाल उठ ही रहे थे कि खबर आई कि PM की तरफ से लंच के लिए बुलावे पर कुमार शनिवार को दिल्‍ली आएंगेl

हालांकि इस पर सफाई देते हुए शुक्रवार को पटना में कैबिनेट की बैठक के बाद नीतीश कुमार ने कहा था कि शुक्रवार के भोज में शामिल न होने का लोग अनावश्‍यक ही गलत अर्थ लगा रहे हैं जबकि कांग्रेस महासचिव अहमद पटेल को उन्होंने पांच दिन पहले ही बता दिया था कि उनकी पार्टी की तरफ से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव शामिल होंगे और कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी द्वारा आयोजित बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई उसपर उन्होंने अपनी राय पूर्व में ही बता दी थीl
नीतीश कुमार ने कुछ दिनों पूर्व ही ये घोषणा कर दी थी कि राष्ट्रपति चुनाव पर मोदी सरकार को आम सहमति बनाने की पहल करनी चाहिए और शुक्रवार को बैठक में भी इसी आशय का प्रस्ताव पारित किया गया हैl
नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गंगा नदी में गाद की समस्या पर चर्चा के लिए अलग से समय मांगा था और उन्हें सूचना दी गयी थी कि ये बैठक शनिवार को भोज के बाद होगीl नीतीश ने कहा था कि वो गंगा नदी की गाद को लेकर चिंतित हैंl उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गंगा की अविरलता की जो बात कर रही है वो गंगा में गाद के जमा रहने तक संभव नहीं हैl नीतीश चाहते हैं कि केंद्र इस समस्या के अध्ययन के लिए एक बार फिर स्थल निरीक्षण के लिए एक टीम 10 जून से पहले भेजेl
प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक पर राजैनतिक अटकलों पर नीतीश ने कहा कि जब UPA की सरकार थी तब भी मॉरिशस के प्रधानमंत्री हों या जापान के प्रधानमंत्री, बिहार के मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें निमंत्रण दिए जाने की परंपरा रही हैl मॉरिशस के साथ बिहार का भावनातमक लगाव है, वहां की 52 प्रतिशत आबादी का मूल बिहार है, वहाँ के प्रधानमंत्री बिहार मूल के ही हैंl इसी पृष्‍ठभूमि में वो जा रहे हैंl

सोनिया की बुलाई विपक्षी मीटिंग में नीतीश के गैरहाजिर रहने को लेकर खबरों पर बिहार के उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने मीडिया पर ही निशाना साधते हुए कहा कि मीडिया ने इसे “चटनी पॉलिटिक्स” बना दिया हैl
दरअसल राष्ट्रपति चुनाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी विपक्षी पार्टियों के साथ लंच पर क्षेत्रीय राजनीति में ‘दुश्मन’ माने जाने वाली पार्टियों को एक मंच पर लाने की कोशिश कर रही हैं जो अभी तक कामयाब हैंl बसपा प्रमुख मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के अलावा TMC प्रमुख ममता बनर्जी और अन्य लेफ्ट नेताओं सहित सीताराम येचुरी की एक साथ मौजूदगी राजनीतिक नजरिए से बेहद अहम मानी जा रही हैl
लालू और नीतीश के बीच तल्खी की अटकलों को पिछले दिनों तब बल मिला, जब राजद प्रमुख के दो बेटों और बड़ी बेटी के खिलाफ एक हजार करोड़ की बेनामी संपत्ति के मामले में IT की जांच शुरू हुईl लालू ने भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज किया, वहीं गठबंधन की अगुआई कर रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लालू परिवार पर लगने वाले आरोपों पर चुप रहे और कहा कि केंद्र सरकार को इस मामले पर देखना हैl
उधर IT छापों के बाद लालू प्रसाद की एक टिप्पणी ने अटकलों को और तेज कर दिया जिसमें लालू ने टि्वटर पर लिखा कि- “बीजेपी को नए पार्टनर मुबारक हों”l हालांकि बाद में उन्होंने सफाई दी कि पार्टनर से उनका मतलब जांच एजेंसियों की ओर थाl

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