नई मेट्रो रेल पॉलिसी को मंजूरी, छोटे शहरों में भी दौड़ सकेगा मेट्रो

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देश के विभिन्न शहरों में मेट्रो नेटवर्क के निर्माण की राह आसान करते हुए केन्द्रीय कैबिनेट ने मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के लिए बुधवार को नई मेट्रो रेल पॉलिसी को मंजूरी दी। नई पॉलिसी में लो कॉस्ट पब्लिक ट्रांसपोर्ट माध्यम के चयन को सुनिश्चित करने का अधिकार मिलता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग के एजेंडे में सबसे ऊपर नई मेट्रो पॉलिसी थी। इस पॉलिसी के माध्यम से मेट्रो नेटवर्क के नॉर्म्स के स्टैंडर्ड्स पर चर्चा होगी और प्रोजेक्ट्स को लागू करने के लिए एक मेकैनिज्म विकसित किया जाएगा। इसमें मेट्रो प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग और फाइनेंसिंग पर भी बात होगी।
इसके तहत क्षमताओं का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए “अर्बन मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी” की स्थापना का प्रस्ताव है, जो विभिन्न शहरों के लिए कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान्स तैयार करेगी। मेट्रो पॉलिसी में सरकार द्वारा चुनी गईं एजेंसियों द्वारा मेट्रो प्रपोजल्स के सख्त थर्ड पार्टी एसेसमेंट का प्रस्ताव भी किया गया है।


इस पॉलिसी में मेट्रो प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने के लिए ‘फाइनेंशियल इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न ऑफ 8%’ के बजाय ‘इकोनॉमिक इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न ऑफ 14%’ की ओर शिफ्ट करने का प्रस्ताव किया गया है। मेट्रो कॉरिडोर्स के आसपास कॉम्पैक्ट और सघन शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए ट्रांजिट ओरियंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) का प्रस्ताव भी किया गया है।
नई पॉलिसी में राज्यों को नियम बनाने और समय-समय पर किरायों के रिविजन के लिए “स्थायी फेयर फिक्सेशन अथॉरिटी” की स्थापना का अधिकार देने का भी प्रस्ताव किया गया है।
अभी दिल्ली, बेंगलुरू, कोलकाता, चेन्नई, कोच्चि, मुंबई, जयपुर और गुरुग्राम कुल 8 शहरों में 350 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क है। वहीं हैदराबाद, नागपुर, अहमदाबाद, पुणे और लखनऊ के कुल पांच प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। नई पॉलिसी के बाद कुछ अपेक्षाकृत छोटे शहरों में भी मेट्रो के मांग को पूरा करने में आसानी होगी।

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