इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) हैकिंग पर मचे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावों में EVM और VVपैट का इस्तेमाल जारी रहेगा.
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने साफ कहा है कि किसी के दबाव या धमकियों की वजह से बैलेट पेपर के युग में वापस नहीं जाएंगे. उन्होंने कहा कि ईवीएम और वीवीपैट को लेकर राजनीतिक दलों समेत अन्य लोगों के लिए आलोचना करने और फीडबैक देने के रास्ते खुले हैं.
हाल ही में एक साइबर एक्सपर्ट ने दावा किया है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में ईवीएम के जरिए धांधली की गई थी. उसका दावा है कि अगर उसकी टीम ने हैकिंग की कोशिशें नहीं रोकी होतीं तो भाजपा राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश का विधानसभा चुनाव आसानी से जीत जाती.
इस एक्सपर्ट ने लंदन में जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया, उसमें कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल भी मौजूद थे. एक्सपर्ट ने कई दावे किए, लेकिन किसी भी दावे की पुष्टि के लिए वह सबूत नहीं दे पाया। साइबर एक्सपर्ट के इस दावे को चुनाव आयोग ने नकार दिया है। आयोग ने कहा है कि ईवीएम ‘फुलप्रूफ’ हैं और हम गलत दावे करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं. आयोग ने पुलिस में इस साइबर एक्सपर्ट के खिलाफ FIR दर्ज किया है.



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