तेजस्वी से कभी भी हो सकती है पूछताछ

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लोक-लाज से लोकतंत्र चलता है कहते हुए नीतीश कुमार द्वारा इस्तीफा देने के बाद तेजस्वी प्रसाद यादव पूर्व उपमुख्यमंत्री हो गये. खासमखास से आम आवाम बन गये और इसी के साथ लालू प्रसाद के परिवार की मुश्किलें और बढ़ने की संभावना हो गयी है.
जल्द ही CBI तेजस्वी प्रसाद यादव से पूछताछ कर सकती है. तेजस्वी प्रसाद होटल आवंटन घोटाला (लालू प्रसाद के रेलमंत्रीत्व काल में) लालू प्रसाद, राबड़ी देवी के बाद तीसरे नंबर के मुख्य अभियुक्त हैं. पूछताछ की कार्रवाई नयी दिल्ली बुलाकर की जाने की सम्भावना है. उनसे मां-पिता के साथ या फिर अलग से बुलाकर पूछताछ हो सकती है.
इसके अलावा तेजस्वी प्रसाद यादव और उनके परिवार के खिलाफ बेनामी संपत्ति के मामले में आयकर विभाग की जो कार्रवाई चल रही है, वह भी तेज होगी. आयकर विभाग ने पहले ही उनकी तमाम अवैध या बेनामी संपत्ति को जब्त करने के लिए चिह्नित कर रखा है. एक पखवाड़े के अंदर इन पर नोटिस चिपकाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है.


हालांकि किसी भी जांच एजेंसी ने आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है. दूसरी तरफ लालू प्रसाद की बड़ी बेटी और सांसद मीसा भारती के खिलाफ ED की जांच बेहद तेजी से चल रही है. यह जांच दिल्ली में मौजूद उनकी तमाम संपत्तियों से जुड़ी हुई है. इस मामले में तकरीबन रोजाना ED के अधिकारी संबंधित तमाम पहलुओं पर पूछताछ कर रहे हैं.
वर्ष 2004 में लालू प्रसाद ने रेल मंत्री कार्यकाल में रेलवे के दो होटलों का गलत तरीके से आवंटन करने के मामले में CBIने सात जुलाई को नयी दिल्ली में FIR दर्ज करने के बाद पटना स्थित उनके सरकारी आवास में सर्च किया था. सुबह करीब सात बजे से शुरू हुई छापेमारी देर शाम तक चली, जिस दौरान घर के एक-एक कमरे को खंगाला गया था.
आ‌वास से कंप्यूटर, टैब, लैपटॉप समेत जमीन-जायदाद के अन्य कई दस्तावेज जब्त करके CBI अपने साथ ले गयी थी. इसके बाद से लगातार बिहार की राजनीतिक स्थिति बिगड़ती चली गयी.

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