तमाम दिग्गजों की उपस्थिति में सादगी से हुयी सुशील मोदी के बेटे की शादी

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बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के बेटे उत्कर्ष एवं कोलकाता निवासी नवलजी केदारनाथ जी वर्मा की बेटी यामिनी का विवाह समारोह गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में सादगी से सम्पन्न हुआ. जिसमें कई राज्यों के राज्यपाल व मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रीगण, के साथ-साथ सुशील मोदी के सबसे बड़े विरोधी राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भी शादी में शामिल होकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया. सभी ने सादगी के साथ की गई इस शादी की तारीफ की.
पटना के वेटनरी कॉलेज मैदान में आयोजित विवाह समारोह में भाग लेने राष्ट्रपति रामनाथ कोविद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और गृह मंत्री राजनाथ सिंह पहुंच तो नहीं पाए, लेकिन इन लोगों ने फोन कर वर-वधू को आशीर्वाद दिया. गणमान्य अतिथियों में बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी, गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा और मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शामिल थे.
केंद्रीय मंत्रियों में वित मंत्री अरुण जेटली, उपभोक्ता व सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान, कानून व आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद, कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्री हर्षवर्धन, वित राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला, सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्योग मंत्री गिरिराज सिंह, भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डा० जगन्नाथ मिश्र, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष, विधान परिषद के उप सभापति, राज्य सरकार के लगभग तमाम मंत्रीगण, पदाधिकारी, पत्रकार व गणमान्य व्यक्ति पहुंचे थे.

राजद अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने शादी में पहुंचते ही सुशील मोदी से मुलाकात कर उन्हें बेटे की शादी की बधाई दी. साथ ही कहा कि तेजप्रताप यादव की भी शादी जल्द ही होगी. वर-वधू ने लालू प्रसाद के पैर छूकर प्रणाम किया, लालू प्रसाद ने दोनों को आशीर्वाद दिया. बिहार में महागठबंधन टूटने के बाद ये पहला मौका था, जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद अध्यक्ष लालू यादव एक साथ किसी कार्यक्रम में शामिल हुए. दोनों करीब दो घंटे तक आसपास बैठे रहे, लेकिन आपस में कोई बात नहीं की.
शादी के समारोह स्थल पर अतिथियों के लिए सिर्फ चाय और पानी के स्टॉल लगाए गए थे. साथ ही दधीचि देहदान समिति और मां वैष्णो देवी सेवा समिति के स्टॉल पर नेत्रदान, अंगदान तथा बाल विवाह निषेध और दहेजरहित शादी का संकल्प लेने की व्यवस्था की गई थी. जिसमें 175 लोगों ने देहदान और 350 लोगों ने दहेज़ के विरुद्ध संकल्प लिया. सुशील मोदी ने इस अवसर पर कहा कि समाज को दहेज से मुक्त करने का वक्त आ गया है, युवाओं को अब दहेज के विरोध में आगे आना चाहिए.
सुशील मोदी के बेटे उत्कर्ष की दिन में आयोजित शादी पूरे वैदिक रीति-रिवाज एवं सादगी के साथ संपन्न हुई. उत्कर्ष ने यामिनी को जयमाला पहनाकर रस्म पूरी की. समारोह में वैवाहिक वैदिक मंत्रों का हिन्दी अनुवाद के साथ वाद्ययंत्रों की संगत के साथ प्रस्तुति की गयी. सभी मेहमानों को विवाह संस्कार के संस्कृत मंत्रों के हिन्दी अनुवाद की एक-एक पुस्तिका भेंट स्वरूप दी गई. शादी में आम तौर पर बारात लगने, द्वार पूजा और वरमाला के बाद उपस्थित लोग वर-वधू को आशीर्वाद तो देते हैं, परंतु वैवाहिक संस्कारों में उनकी सहभागिता नहीं होती है और वधू पक्ष के परिजन ही इसमें शामिल रहते हैं. लेकिन मंच पर आयोजित इस शादी में उपस्थित सभी लोगों ने वैवाहिक संस्कारों- गणपति पूजन, कलश पूजन, द्वार पूजन, वरमाला, सप्त वचन, सिंदूरपूर्ति, मंगल फेरे आदि को देखा, मंत्रों को सुना तथा समस्त वैवाहिक संस्कारों में सहभागी बने.

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