डॉ किशोर सिन्हा की यादगार भूमिका से ‘ब्लेड’ का हुआ सफल मंचन

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जीवन की तल्ख सच्चाईयों से रूबरू कराते हुए मानवता के धरातल पर हमें बेहतर इंसान बनने के लिए प्रेरित करने वाली सादत हसन मंटो की कहानियाँ में जेबकतरा उनकी एक प्रसिद्ध कहानी है। इसमें काशी नामक जेबकतरे के मानसिक द्वंद और उसके कर्म के बीच के संघर्ष को दिखाया गया है।
इसी जेबकतरा कहानी पर आधारित “ब्लेड” का मंचन पटना के कालिदास रंगालय में “अदाकार ख्वाहिश” संस्था की ओर से किया गया, जिसका नाट्य रूपांतरण वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ किशोर सिन्हा ने किया। रवि मिश्रा के निर्देशन में मंचित इस नाटक के केंद्रीय पात्र काशी की भूमिका में भी डॉ किशोर सिन्हा स्वयं प्रकट हुए और उन्होंने बहुत ही बेहतरीन तरीके से काशी के मानसिक द्वंद और उधेड़बुन को अपने प्रभावशाली अभिनय क्षमता के बलबूते प्रस्तुत कर दर्शकों को प्रभावित करने में कामयाब रहे। उनकी क्षमताओं ने नाटक के बाकी अन्य कलाकारों को भी प्रेरित किया।
नाटक में अर्चना सोनी ने बिमला, सुभाष चंद्र ने ब्लैकमेलर और आजाद शक्ति ने गिरधर के रुप में अपने-अपने अभिनय से भी खूब प्रभावित किया। रंजन कुमार, विवेक ओझा, प्रेम कुमार, शिव कुमार, संजीत कुमार, रजनी कुमारी और ममता तिवारी ने भी कुशलतापूर्वक अपनी अपनी भूमिकाएं निभाई हैं। सभी पात्रों और नेपथ्य के कलाकारों को जोड़कर रखने में रवि मिश्रा पूरी तरह से सफल रहे। सुभाष चंद्रा की मंच सज्जा, कुमुद रंजन की प्रकाश व्यवस्था, अशोक घोष की रूप सज्जा और डॉ किशोर सिन्हा का संगीत भी जानदार और शानदार रहा।
अदाकार ख्वाहिश की ओर से राजधानी पटना सहित देश के विभिन्न शहरों में बलि का बकरा, हाय रे कलाकार, जनता पागल हो गई, बुद्धम शरणम गच्छामि, यही सच है, जैसी करनी वैसी भरनी, स्वर्ग का चक्कर, पाटलिपुत्र का राजकुमार, सच्चाई और बैंड मास्टर जैसे नाटक की प्रस्तुतियां की जा चुकी हैं। इसी कड़ी में “ब्लेड” की प्रस्तुति निश्चित रूप से एक नया आयाम स्थापित करती दिखी।
समीक्षक:- डॉ नीतू कुमारी नवगीत

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