पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सांसदों से एक खास अपील की है। दरअसल, ट्रम्प को ‘मेक इन इंडिया’ अभियान भा गया है और वे चाहते हैं कि अमेरिकी कंपनियां भारत में निवेश करे।
इसके लिये उन्होंने अपने सांसदों से अपील की है कि वह मोदी से व्यापार और निवेश की बाधाओं को दूर करने के लिए कहें। रिपब्लिकन और डेमोक्रैटिक सांसदों ने ट्रंप को लिखे एक पत्र में कहा कि उच्च स्तर पर हुई कोशिशें भारत के साथ व्यापार और निवेश की बाधाओं को दूर करने में सफल नहीं रही हैं।

उन्होंने लिखा ‘भारतीय अर्थव्यवस्था में कई सेक्टर अभी भी बहुत अधिक और अनुचित रूप से संरक्षित हैं। भारत अभी भी अमेरिकी कंपनियों के लिए व्यापार करना आसान नहीं है।’ 2017 में वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट ने भी इज ऑफ डूइंग बिजनस के मामले में भारत को 190 देशों में 130वां स्थान दिया है। केविन ब्रैडी, रिचर्ड नील, ओरिन हैच जैसे सांसदों ने कहा कि द्विपक्षीय आर्थिक संबंध आशा से बहुत कम सफल हैं, क्योंकि भारत बाजार आधारित सुधारों को लागू करने में सफल नहीं रहा है। कई सेक्टर्स में ऊंची कीमत, बौद्धिक संपदा को कम संरक्षण, अनियमित और अपारदर्शी लाइसेंसिंग जैसी बाधाएं हैं।

कानून के निर्माताओं ने प्रफ़ेशनल सर्विसेज में विदेशी सहभागिता की कमी, फाइनैंशल, रिटेल और दूसरे बड़े सर्विस सेक्टर में फ़ॉरन इक्विटी सीमा और डिजिटल ट्रेड और इंटरनेट सर्विस में बाधाओं की ओर भी इशारा किया है। उन्होंने कहा कि यह सूची लंबी होती जा रही है। पीएम मोदी सोमवार को वाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात से पहले रविवार को 20 बड़े अमेरिकी सीईओ के साथ बैठक करने वाले हैं। भारत और अमेरिका के बीच डिफेंस ड्रेड और सहयोग में प्रगति की उम्मीद की जा रही है। हालांकि, ट्रंप ने ‘अमेरिका फर्स्ट’ अभियान चला रखा है।

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