प्रधानमंत्री जहां भी जाते हैं जनता के बीच नफरत फैलाते हुए कुछ न कुछ गलत बात बोलते हैं. आपकी जमीन छीनने के बाद झूठे भाषण देकर चले जाते हैं. मैं झूठ नहीं बोल सकता. 2004 में जब से राजनीति में आया हूँ तब से एक भी ऐसा उदाहरण नहीं है, जिसमें मैंने झूठ बोला. छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में चुनाव हुए, किसानों से दस दिनों के भीतर कर्ज माफ करने का वादा किया गया था, उनमें से दो राज्यों में तो दो दिनों के भीतर ही कर्ज माफ कर दिया गया.
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को राँची के मोरहाबादी मैदान में प्रदेश कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘परिवर्तन उलगुलान रैली’ को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में आदिवासियों और किसानों से पूछे बिना ही उद्योगपतियों को जमीन दी जाती है. कांग्रेस सरकार आदिवासियों और किसानों की जमीनों की रक्षा के लिए वर्ष 2013 में जमीन अधिग्रहण बिल लाई. गांव के 80 फीसदी किसानों की सहमति के बाद भी अगर जमीन दी जाएगी तो पहले सोशल इंपैक्ट देखा जाएगा और किसानों को बाजार मूल्य से 4 गुना ज्यादा राशि देकर ही जमीन ली जा सकती थी.
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले भूमि अधिग्रहण बिल को ही रद्द करने का प्रयास किया. उनकी सरकार ने तीन बार संसद में इसके लिए कोशिश की लेकिन कांग्रेस ने हर बार उन्हें रोका. झारखंड के युवाओं के पास रोजगार नहीं है, झारखंड गरीब नहीं है लेकिन यहां की जनता गरीब है. हर रोज यहां की जनता के पैसे, जंगल जमीन की चोरी की जा रही है.
उन्होंने कहा कि मैं झारखंड बदलने आया हूँ, मुझे झाविमो, झामुमो के नेताओं पर पूरा भरोसा है कि सब मिलकर एक साथ झारखंड को बदलने वाली सरकार देंगे, पूरा विपक्ष मिलकर लड़ रहा है. सभी मिलकर एक साथ BJP को हटाने जा रहे हैं. झारखंड की सभी 14 सीटों पर गठबंधन का उम्मीदवार जीतेगा और उसके 6 माह बाद भाजपा विधानसभा चुनाव भी हारेगी.
राहुल गांधी ने कहा कि जैसे ही केंद्र में कांग्रेस की सरकार आएगी, हर गरीब व्यक्ति को मिनिमम गारंटी इनकम के तहत हर गरीब व्यक्ति के बैंक खाते में एक निश्चित रकम देगी. झारखंड में विधवाओं को रोजगार देने का काम करेंगे. 2019 में हम दिल्ली से चौकीदार को भगा देंगे फिर झारखंड में स्वास्थ्य, शिक्षा आदि में सुधार आएगा.
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि सब चोरों के नाम मोदी हैं. नीरव मोदी और ललित मोदी का नाम लेते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी नीरव मोदी को भाई कहते हैं. उन्होंने एक बार फिर “चौकीदार चोर है” का नारा दुहराते हुए कहा कि पिछले दिनों वायु सेना ने जो हिंदुस्तान की रक्षा की उस वायु सेना से भी चौकीदार ने 30000 करोड़ रुपए की चोरी कर अंबानी की जेब में डाल दिए.

झारखंड विकास मोर्चा के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि रैली में उपस्थित जनता बता रही है कि झारखंड परिवर्तन चाह रहा है. 2014-19 तक देश और प्रदेश में कई घोषणाएं की गई लेकिन इसे पूरा तक नहीं किया गया. संवैधानिक संस्थाओं को अपनी मुट्ठी में करते रहे. सभी को आपस में लड़ाने का काम किया जा रहा है. साढ़े चार वर्षों में राज्य सरकार राशन कार्ड, बुजुर्गों को पेंशन नहीं उपलब्ध नहीं करा पाई, उलटे जिन्हें ये सुविधाएं मिलती थी, उनसे भी छिन लिया गया. भूमि अधीग्रहण के प्रावधानों को झारखंड सरकार ने समाप्त कर दिया, गैरमजरुआ जमीन गरीबों के बजाए पूंजीपतियों को दी जा रही है. रघुवर सरकार ने स्कूल बंद कर शराब की दुकानें खोल दी.
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि झारखंड में रघुवर की सरकार डबल इंजन की सरकार है लेकिन रांची टाटा रोड कछुआ चाल चल रही है. बिजली के दाम, होर्डिंग टैक्स, पीने का पानी नहीं, लेकिन करोड़ों रुपए रघुवर सरकार विज्ञापन में खर्च कर रही है. झारखंड से लिंचिंग शुरू हुआ, यहां दर्जनों लोगों को भीड़ ने मारा और ये सब सरकार के नेतृत्व में हुआ. केंद्रीय मंत्री आरोपियों की माला पहनाकर स्वागत करते हैं.
झामुमो के विधायक स्टीफन मरांडी ने कहा कि झारखंड एक आंदोलन का क्षेत्र रहा है, जहाँ बिरसा मुंडा, सिद्धो कान्हो, तिलका मांझी ने जल जंगल जमीन की रक्षा के लिए आंदोलन छेड़ा. इसी के लिए एक बार फिर महागठबंधन तैयार हो रहा है. BJP जाति, धर्म के नाम पर बांटने का काम कर रही है, उनका उद्देश्य है कि यहां की जमीन कैसे लूटी जाए.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा कि झारखंड सरकार ने उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए गोड्डा में निजी कंपनी के लिए गरीबों की जमीन ले ली. यहाँ किसानों का शोषण हो रहा है, बड़कागांव गोलीकांड, गोड्डा में मारपीट इसका उदाहरण है. जनता BJP सरकार से परेशान है, राज्य में पारा शिक्षकों, रसोईया और पुलिस की स्थिति दयनीय है. आज पूरा देश राहुल गांधी की ओर देख रहा है.
झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन संथाल परगना में संघर्ष यात्रा पर हैं, वे रैली में शामिल नहीं हुए. बताया जाता है कि राहुल ने सार्वजनिक रूप से हेमंत सोरेन को प्रदेश में महागठबंधन का नेता घोषित नहीं किया, इससे वो नाखुश हैं.
राहुल गांधी के आगमन को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए, उनकी सुरक्षा में 5 आईपीएस, 15 डीएसपी के अलावा 1000 जवानों को लगाया गया है. सभी चौक-चौराहों पर पुलिस बल के जवान बाहर से आने वालों वम वाहनों पर नजर रख रहे हैं. सभी होटल और लॉज में भी चेकिंग अभियान चलाया गया है.


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