समाजवादी पार्टी की विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद पार्टी के अंदर का घमासान तब खुलकर सामने आ गया जब सपा के संस्थापक और पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बारे में कहा कि जो अपने बाप का नहीं हो सका वो किसी का नहीं हो सकताl
मैनपुरी में सपा संस्थापक और पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने आज अपने बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली जिसके बाद पिता और पुत्र के बीच के झगड़े ने एक नया रूप ले लियाl
अखिलेश के व्‍यवहार से आहत पिता मुलायम ने कहा, ‘जो अपने बाप का नहीं हो सका वो किसी का नहीं हो सकता’. उन्होंने कहा, मैंने अखिलेश को CM बनाया, कोई बाप अपने रहते बेटे को CM नहीं बनाता’. मैंने अपना पद छोड़कर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया, बदले में उन्होंने क्या दिया. इतना अपमान तो मेरा कभी नहीं हुआ. चुनावी रिजल्ट जारी होने के बाद मुलायम सिंह ने पहली बार अपने मन की भड़ास निकाली है और अखिलेश यादव को खरी-खरी सुना दी
मुलायम एक बाद फिर अपने भाई शिवपाल के साथ खड़े नजर आये. उन्होंने कहा, कोई ऐसा करता है क्या. उन्‍होंने अपने चाचा शिवपाल के साथ अच्छा नहीं किया. क्या कोई अपने ही चाचा को मंत्री पद से हटाता है. अखिलेश ने ऐसा किया, वह ठीक नहीं है.




गौरतलब हो कि विधानसभा चुनाव से पहले सपा के अंदर कई बार घमसान हुआ. साल के आरंभ में ही अखिलेश यादव ने पार्टी महा अधिवेशन बुलाकर खुद को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया और पिता मुलायम को पार्टी का संरक्षक बनाया. अखिलेया यादव ने चाचा शिवपाल को मंत्री पद से हटाया और अमर सिंह को पार्टी से ही निकाल दिया और उन्हें सपा में झगड़े के लिए जिम्मेवार ठहराया.
चुनाव करीब आने के बाद तो पार्टी दो फाड़ में बंटते-बंटते रह गयी, जब पिता और पुत्र का पार्टी चुनाव चिह्न को लेकर झगड़ा चुनाव आयोग के द्वार तक पहुंचा. हालांकि चुनाव आयोग ने भी अखिलेश यादव को साईकिल सौंपी और मुलायम सिंह को बडा़ झटका दिया. हालांकि झगड़ा बढ़ने के बाद भी पार्टी दो फाड़ में बंटने से रह गयी और मुलायम सिंह को अपना तेवर बदलना पड़ा.



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