जेटली- नीतीश से बात करने के बाद शरद यादव संतुष्ट, गतिरोध हो सकता है खत्म!

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महागठबंधन के टूटने और जदयू भाजपा की दोस्ती के बाद जदयू में बगावत के बीच गुरूवार शाम केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शरद यादव से फोन पर बात करने के बाद गतिरोध खत्म होने की सम्भावना बनी है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शरद यादव से फोन पर बातचीत कर उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया वहीं जेटली ने भी शरद यादव से नीतीश कुमार के फैसले के बाद उत्पन्न गतिरोध खत्म करने- करवाने को कहा.
जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद शरद यादव को नीतीश कुमार ने विस्तार से बताया कि लालू यादव से गठबंधन क्यों तोड़ना पड़ा. नीतीश कुमार ने बताया भ्रष्टाचार के केस सामने आने के बाद मैंने लालू यादव से तेजस्वी यादव का इस्तीफ़ा करवाने की अपील की, लेकिन लालू यादव ने इस्तीफा नहीं कराया. जिसके चलते उनकी सरकार पर ही सवाल खड़े हो रहे थे और सरकार की छवि खराब हो रही थी.


नीतीश कुमार ने शरद यादव को ये भी बताया कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भी इस मामले में दखल देने की बात की परन्तु कोई हल नहीं निकला. नीतीश ने बताया कि जब सोनिया और राहुल ने भी लालू यादव के सामने सरेंडर कर दिया, तब उन्हें भाजपा के साथ जाने का एकमात्र विकल्प चुनना पड़ा.
एक तरफ जहां नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव को पूरे घटनाक्रम और उसके पटकथा को विस्तार से समझाया, वहीं शरद यादव के दोस्त और केंद्र के वरिष्ठ मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें BJP- JDU गठबंधन के तमाम राष्ट्रीय स्तर पर व बिहार में होने वाले फायदे गिनवाये. सूत्रों के अनुसार नीतीश और जेटली की बातों से शरद यादव संतुष्ट होते कगे हैं.
हालांकि पार्टी के कुछ दूसरे नेताओं में नीतीश के फैसले को लेकर अभी भी गहरी नाराजगी है. केरल इकाई के पार्टी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद वीरेंद्र सिंह को जदयू भाजपा गठबंधन मंजूर नहीं है. उन्होंने जदयू से रिश्ता खत्म करने और संसद सदस्यता से इस्तीफा देने तक की चेतावनी दे डाली है. वहीं राज्यसभा सांसद अली अनवर और महाराष्ट्र के पार्टी अध्यक्ष MLC कपिल पाटिल भी नीतीश कुमार के इस फैसले से नाराज हैं.


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