रांची से करीब 70 किलोमीटर दूर रामगढ़ में एक ऐसा शिवमंदिर है, जो कई रहस्यों को समेटा हुआ है। यहां हजारों की भीड़ जुटती है।मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर 365 दिन 24 घंटे अपने-आप जलाभिषेक होता रहता है। ये पानी कहां से और कैसे यहां पहुंचता है, आज तक कोई समझ नहीं सका।
झारखंड के रामगढ़ जिला स्थित टूटी झरना मंदिर की बात निराली है। यहां स्थित शिवलिंग पर जलाभिषेक कोई और नहीं, बल्कि मां गंगा की प्रतिमा स्वयं करती है। मां गंगा की प्रतिमा से जल की धारा निकलती है, जो सीधे शिवलिंग पर गिरती रहती है। परन्तु यह जल कहां से आती है, यह आज भी रहस्य बना हुआ है।
यही नहीं इस मंदिर के पास स्थित दो हैंडपंप भी एेसे हैं, जिन्हें बिना चलाए ही लगातार मोटी धार के साथ पानी गिरता रहता है। इस हैंडपंप में हैंडल ही नहीं लगाए गए हैं।


माना जाता है कि बहुत साल पहले यहां रेलवे लाइन बिछाने के दौरान इस मंदिर के बारे में लोगों को जानकारी मिली थी। प्राचीन टूटी झरना मंदिर को लेकर एक पौराणिक कथा भी प्रचलित है। कहा जाता है कि कभी पानी के लिए यहां खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान जमीन के अंदर कुछ चीज दिखाई पड़ी। जब पूरी खुदाई की गई तो जमीन के अंदर शिवलिंग नजर आया। साथ ही, मां गंगा की एक प्रतिमा भी मिली और मंदिर में मौजूद शिवलिंग पर जलाभिषेक हो रहा था।
यह आज भी रहस्य बना हुआ है कि आखिर इस पानी का स्त्रोत कहां है? यहां लगाए गए दो हैंडपंप भी रहस्यों से घिरे हुए हैं। खास बात यह है कि भीषण गर्मी में भी इन दोनों हैंडपंप से निकलने वाला पानी कम नहीं होता है। इस मंदिर में शिवलिंग के दर्शन के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं।

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