जम्मू कश्मीर में सेना के कैंप पर बड़ा आतंकी हमला: दो जवान शहीद, जवाबी कार्रवाई में तीन आतंकी ढेर

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जम्मू के सुजवां में सैन्य शिविर पर शनिवार (10 फरवरी, 2018) तड़के सुबह आतंकवीदियों ने हमला बोल दिया जिसमें दो सैनिक शहीद हो गए। शिविर में घुसे आतंकवादियों ने फैमिली क्वार्टर्स में दाखिल होकर सो रहे लोगों पर गोलीबारी शुरू कर दी। आतंकियों ने इस दौरान बमबारी भी की। इस गोलीबारी में दो जवान शहीद हो गए, जबकि छह अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में अब तक तीन आतंकियों को मार गिराया है। घायलों में एक अधिकारी की बेटी भी शामिल है। अधिकारी ने कहा, ‘स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है और तलाशी एवं बचाव अभियान अभी भी जारी है।’ सूत्रों का कहना है कि सुंजवान सैन्य शिविर के जवानों को शनिवार तड़के 4:45 बजे संदिग्ध गतिविधि के बारे में पता चला।
सूत्रों के मुताबिक, इन संदिग्धों के आतंकवादी होने का आभास होने पर जवानों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके जवाब में उन्होंने ग्रेनेड फेंके और स्वचालित हथियारों से गोलीबारी की। इसके बाद आतंकवादी जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ) के आवासीय क्वार्ट्स में घुस गए और एक घर में छिप गए। हमले में घायल लोगों में एक जूनियर सैन्य अधिकारी की बेटी भी है, जो स्कूल की छुट्टियों के दौरान अपने पिता से मिलने आई थी। इस संबंध में जारी बयान के मुताबिक, ‘स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है। अधिकतर परिवारों को जेसीओ क्वार्ट्स से सकुशल बाहर निकाल लिया गया है, जहां आतंकवादी घुसे थे। आतंकवादियों पर आखिरी हमले से पहले हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इस अभियान में किसी नागरिक को नुकसान नहीं हो।’

सूत्रों का कहना है कि जूनियर कमीशंड अधिकारियों की आवासीय इमारत में आतंकवादियों के सफाए के लिए हर कमरे की तलाशी ली जा रही है। इससे पहले खुफिया रपटों में कहा गया था कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की पांचवीं बरसी पर हमले की साजिश रच रहे थे। अफजल गुरु को नौ फरवरी, 2013 को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी। छिपे हुए आतंकवादियों के सफाए के लिए उधमपुर में सेना के उत्तरी कमान के मुख्यालय से सेना के पैराकमांडर्स को लाया गया। इस पूरे अभियान के दौरान वायुसेना सुरक्षाबलों को हवाई चौकसी उपलब्ध कराता रहा।
केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू एवं कश्मीर के पुलिस महानिदेशक एसपी वैद्य से बात की और उसके बाद दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि सुरक्षाबल अपना काम कर रहे हैं और इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस अभियान को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। सैन्य शिविर के आधा किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी शिक्षण संस्थानों को दिनभर के लिए बंद कर दिया गया है। जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष कविंद्र गुप्ता ने सैन्य शिविर के मुख्यद्वार का दौरा किया। साल 2002 में भी इसी सैन्य शिविर में आत्मघाती हमला किया गया था, जिसमें 12 जवान शहीद हो गए थे और दो फिदायीन आतंकवादी मारे गए थे।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस हमले पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, ‘आज सुंजवान में आतंकवादी हमले से व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं घायलों और उनके परिवारों के साथ हैं।’ नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले की निदा करते हुए कहा, ‘जम्मू और सुंजवान में मुठभेड़ की खबर अत्यंत परेशान करने वाली है। हमारे सुरक्षाबलों और उनके परिवार वालों को किसी तरह का नुकसान पहुंचे बिना इस मुठभेड़ के खत्म होने की उम्मीद है।’

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