छत्तीसगढ़ की गौशाला में भूख-प्यास से मरी 200 से ज्यादा गायें

 202 


छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक की एक गोशाला में दो सौ से ज्यादा गायों की मौत हो गई है. मृत गायों को गांव के एक सुनसान इलाके में दफना दिया गया है.
राजपुर गांव के सरपंच सेवाराम साहू ने कहा कि भूखमरी के चलते 200 से ज्यादा गायों की मौत हुई है. ग्रामीणों ने इलाके के SDM को शिकायत करके बताया है कि मृत गायों को गांव के एक सुनसान इलाके में दफना दिया गया है.
दुर्ग जिले के धमधा ब्लॉक के राजपुर गांव स्थित इस गौशाला का संचालन स्थानीय भाजपा नेता और नगर पालिका के उपाध्यक्ष हरीश वर्मा करते हैं. बताया जा रहा कि इसी गौशाला में भूख और प्यास के चलते हफ्ते भर के भीतर दो सौ से ज्यादा गायों की मौत हो गई है.
घटना की जानकारी गौशाला के संचालकों ने न तो प्रशासन को दी और ना ही पशुपालन विभाग के डाक्टरों को, गौशाला में गायों की स्थिति के बारे में स्थानीय प्रशासन को सूचित करने वाले ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इस गौशाला में ना तो चारा है और ना ही दाना-पानी और इसी वजह से गायों की मौत हुई है.


ग्रामीणों से शिकायत मिलने के बाद सरकारी पदाधिकारियों और डॉक्टरों ने गौशाला का दौरा कर निरीक्षण किया. इस बीच गौशाला प्रबंधन ने ग्रामीणों के आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा है कि निःशक्त और बीमार मात्र 13 गायों की मौत हुई है. ग्रामीण राजनैतिक द्वेष के चलते उन पर झूठा आरोप मढ़ रहे हैं.
इस गौशाला में लगभग साढ़े छह सौ गाय हैं और इनकी देखभाल के लिए राज्य गौसेवा आयोग से आर्थिक सहायता भी मिलती है, लेकिन हर महीने कितनी रकम मिलती है, इसका सार्वजनिक रूप से खुलासा ना तो प्रशासन ने और ना ही गौशाला प्रबंधन ने किया है.
राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य के सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने इलाके में स्थित गौशालाओं का जायजा लेकर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.
विपक्षी कांग्रेस ने उन गायों की गिनती करवाने की मांग की है जिनकी मौत हुई और जिन्हें बिना जानकारी के गौशाला संचालकों ने खाली खेतों में दफना दिया.

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें

loading…


Loading…



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *