चीन की अगुआई में BRICS को मजबूत बनाने का सपोर्ट करेंगे : PM

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को BRICS समिट में शामिल होने चीन जाने से पहले फेसबुक पोस्ट किया कि वे चीन की अगुआई में BRICS को मजबूत बनाने के एजेंडे का सपोर्ट करेंगे। डोकलाम विवाद के बाद भारतीय PM के चीन दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।
मोदी 3 से 5 सितंबर तक चीन के शियामेन में होने वाली 9वीं BRICS समिट में शामिल होने जा रहे हैं। उसके पूर्व मोदी ने अपनी ट्वीट में लिखा कि मैं चीन के शियामेन में 3 से 5 सितंबर तक होने वाली 9वीं BRICS समिट में जाऊंगा। पिछले साल अक्टूबर में गोवा में हुई इस समिट में यह सौभाग्य भारत को मिला था। गोवा समिट में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई थी उनके नतीजों को आगे ले जाने के लिए उत्सुक हूं। मैं चर्चा के दौरान उन सकारात्मक नतीजों की उम्मीद कर रहा हूं, जो चीन की अगुआई वाले BRICS को मजबूती देने के एजेंडा का सपोर्ट करेगा।
मोदी ने आगे लिखा कि हम पांचों देशों की इंडस्ट्री के दिग्गजों की अगुआई में होने वाली ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल में भी बातचीत करेंगे। इसके अलावा मैं राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से 5 सितंबर को बुलाई गई ‘इमर्जिंग मार्केट्स एंड डेवलपिंग कंट्रीज डायलॉग’ में ब्रिक्स पार्टनर्स समेत नौ देशों के लीडर्स से मुलाकात को लेकर भी उत्साहित हूं। मुझे समिट से बाहर लीडर्स के साथ बाइलेटरल बातचीत का भी मौका मिलेगा। भारत ब्रिक्स की भूमिका को महत्व देता है, जो शांति और तरक्की के लिए की गई साझेदारी के दूसरे दशक में प्रवेश कर चुका है।


BRICS पांच विकासशील देशों ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन और साउथ अफ्रीका का ग्रुप है। यह ग्रुप 2009 से लगातार BRICS समिट करता आ रहा है। जो दुनिया का 26% एरिया कवर करते हैं। दुनिया की GDP में इन देशों का हिस्सा 23% है और यह ग्रुप दुनिया की 42% आबादी कवर करता है।
चीन ने BRICS समिट के पूर्व कहा कि “दो बड़ी ताकतों में मतभेद होना सामान्य सी बात है। एशिया के 2 बड़े देश भारत और चीन एक-दूसरे को सहयोग करने की क्षमता रखते हैं।” चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि “दो कद्दावर पड़ोसियों में विरोध का होना सामान्य सी बात है। अहम बात ये है कि हम समस्याओं को सही जगह पर उठाएं और आपसी बातचीत से हल करें। साथ ही एक-दूसरे का सम्मान करें। इसके लिए जरूरी होता है कि दोनों देशों के नेताओं में एकराय हो। भारत और चीन में काफी संभावनाएं हैं और दोनों देश एक-दूसरे को बेहतर तरीके से सहयोग कर सकते हैं।”
BRICS समिट के कुछ ही दिन पूर्व 28 अगस्त को भारत-चीन के बीच 72 दिन से चला आ रहा डोकलाम विवाद हल हो गया। चीन डोकलाम से अपनी सेना वापस बुलाने पर राजी हो गया था। उसने इलाके में सड़क बनाने में लगे बुलडोजर भी वापस बुला लिए थे। हालांकि डोकलाम पर चीन ने कहा कि वह इलाके में पैट्रोलिंग जारी रखेगा।

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