चार वर्ष में ऊंटनी के दूध की बिक्री 111 प्रतिशत बढ़ी

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विभिन्न बीमारियों के इलाज में काम आने वाले ऊंटनी के दूध की बिक्री में देशभर में बढ़ती मांग के बीच 2013-14 के मुकाबले 111 प्रतिशत उछाल आया है.
राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र ऊंटनी (NRCC), बीकानेर के आंकड़ें बताते हैं कि ऊंटनी के कच्चे दूध की बिक्री 2013-14 में 5,088 लीटर से 79.32% बढ़कर 2017-18 में 9,124 लीटर हो गयी. वहीं ऊंटनी के पाश्चरीकृत दूध की बिक्री जो 2013-14 में 1,145 लीटर थी 111% बढ़कर 2017-18 में 2,145 लीटर हो गई है. इसी प्रकार मिल्क पार्लरों के माध्यम से ऊंटनी के दूध की बिक्री से आय 2017-18 में 255% बढकर 11.98 लाख रुपए हो गयी जो 2013-14 में 3.37 लाख रुपए मात्र थी.


NRCC के निदेशक वी पाटिल के अनुसार ऊंट के कच्चे और पाश्चरीकृत दूध की खपत स्वास्थ्य लाभ के लिए होती है. विभिन्न वैज्ञानिक अध्ययनों में यह सिद्ध हुआ है कि ऊंट का दूध डायबिटीज, ऑटिज्म और गठिया जैसी बीमारियों में लाभदायक है. इसमें प्रोटीन , विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अत्यधिक होती है. ज्ञात है कि ऊंटनी का दूध विभिन्न बीमारियों के इलाज में काम आता है.

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