चारा घोटाले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद को सजा सुनाने वाले सीबीआई स्पेशल कोर्ट के जज शिवपाल सिंह की जान को खतरा है. इसके लिए उन्हें रिवॉल्वर का लाइसेंस और सुरक्षा गार्ड चाहिए. इस बाबत उन्होंने एक पत्र गोड्डा जिले के उपायुक्त और आर्म्स मजिस्ट्रेट को लिखा है. इस पत्र में उन्होंने लाइसेंस तत्काल जारी करने की गुजारिश की है.
बीते दिनों शिवपाल सिंह का तबादला गोड्डा के एडीजी- 2 के पद पर किया गया था. शिवपाल सिंह पहले भी गोड्डा जिले में कार्य कर चुके हैं. पिछले कार्यकाल के दौरान उन्होंने रिवाल्वर के लिए आवेदन दिया था. प्रमंडलीय आयुक्त ने पुलिस सत्यापन के बाद उन्हें रिवॉल्वर का लाइसेंस जारी करने का आदेश दिया था. लेकिन उन्हें आज तक लाइसेंस नहीं मिला. इस बीच उन्होंने उपायुक्त को पत्र लिखकर कहा कि प्रमंडलीय आयुक्त ने 5 अप्रैल, 2005 को पुलिस सत्यापन के बाद रिवॉल्वर का लाइसेंस जारी करने का आदेश दिया था. इस आलोक में उन्हें तत्काल लाइसेंस जारी कर दिया जाए. इसके बाद उनके बारे में पुलिस से रिपोर्ट ले ली जाए. अगर पुलिस की रिपोर्ट प्रतिकूल हुई तो वह लाइसेंस तत्काल सरेंडर कर देंगे.
शिवपाल सिंह की छवि बेहद ईमानदार है मानी जाती है. उनके फैसले की वजह से कुछ असामाजिक तत्व उनसे नाराज भी हैं. शिवपाल सिंह उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के शेखपुर खुर्द के रहने वाले हैं. वहां उनके छोटे भाई सुरेंद्रपाल सिंह अपने परिवार के साथ रहते हैं. 20 जून की रात चोरों ने उनके घर में चोरी की घटना को अंजाम दिया था. और करीब दो लाख के जेवर व 60 हजार रुपए नकद उड़ा ले गए थे.
शिवपाल सिंह ने दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले में दो धाराओं के तहत लालू प्रसाद तो सात-सात साल की सजा सुनाई थी. साथ ही दस-दस लाख जुर्माना भरने को कहा था.

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