राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने 4 मई को पार्टी कार्यकर्ताओं से भाजपा नेताओं के दरवाजे पर बू़ढ़ी गायों को बांधने को कहा ताकि पता लगाया जा सके कि ये लोग बूढ़ी गाय के साथ क्या करते हैं, क्योंकि ऐसा करने से ही पता चलेगा कि सचमुच भाजपा के लोग गौसेवक हैं या सिर्फ वोट पाने के लिए गौमाता का इस्तेमाल करते हैं।
राजद की तीन दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन राजगीर के इंटरनेशनल कन्वेंशन हॉल में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए लालू प्रसाद ने कहा कि भाजपा और RSS के लोग गौ रक्षा के नाम पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को निशाना बना रहे हैं, लेकिन वो लोग दूध के लिए नहीं बल्कि वोट के लिए ऐसा कर रहे हैं। आपलोग ऐसी बूढ़ी गायों को खोजिए जो दूध नहीं देती हों और उसे भाजपा नेताओं के दरवाजे पर बांध दीजिए फिर देखिए कि वे लोग उसके साथ क्या करते हैं। अगर ऐसा करते हुए भाजपा के नेता आपको लाठी-डंडे से पीटते हैं तो भी उनका विरोध मत कीजिए। हमलोगों को देखना है कि क्या वे लोग सचमुच गौसेवा करने को उत्सुक हैं।
लालू यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे, तब उन्होंने बेरोजगारी दूर करने का वादा किया था, लेकिन आज बेरोजगारी पहले से ज्यादा बढ़ गई है। जहां रोजगार था, वहां भी कुटीर और लघु उद्योग बंद हो गए हैं। बाहर कमाने गए लोगों को भी घर लौटना पड़ा है।
उन्होंने सुरक्षा बलों की शहादत पर चुप्पी साधने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जो व्यक्ति साल 2014 के लोक सभा चुनाव से पहले चीख-चीख कर 56 इंच का सीना दिखाते पिर रहा था वो आज चुप क्यों है? आज धर्म और नस्ल के नाम पर देश के टुकड़े करने की साजिशें हो रही हैं। हमें देश और संविधान को बचाना है। जब देश ही नहीं रहेगा और जब लोकतंत्र ही नहीं रहेगा, तब हम कहां होंगे?
लालू प्रसाद ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पिछले दिनों ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ किए जाने के दावे को एक बार फिर ‘झूठ’ बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बताएं कि हमारी सीमा में घुसकर आज हमारे ही जवानों को क्यों मारा जा रहा है? देश जानना चाहता है कि आखिर पाकिस्तानी घुसपैठिए कैसे हमारी सीमा में घुस आए और हमारे जवानों के शवों के साथ बर्बरतापूर्ण हरकत की।
भाजपा पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग ‘जय श्री राम’ कहते हैं, लेकिन हमलोग ‘सीता-राम’ कहते हैं। यह उनकी मानसिकता का परिचायक है।
लालू यादव ने आरोप लगाया कि देश में सामाजिक न्याय की व्यवस्था को भाजपा और संघ के लोग तोड़ना चाहते हैं । लालू ने कहा कि ये लोग बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर फूल तो चढ़ाते हैं लेकिन दलितों के उत्थान के लिए बड़ी-बड़ी बातों के अलावा कुछ नहीं करते। लालू यादव ने भाजपा और आरएसएस पर मौजूदा आरक्षण को खत्म करने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया है। लालू प्रसाद ने देश के चारों पीठों में शंकराचार्य की नियुक्ति में भी आरक्षण लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य की नियुक्ति में हमेशा एक ही जाति का वर्चस्व क्यों रहना चाहिए?

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