तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) लोकसभा चुनाव के लिए गैर कांग्रेसी और गैर भाजपाई क्षेत्रीय दलों को साथ लाने के लिए अगले सप्ताह ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों एवं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों मायावती और अखिलेश यादव से मुलाकात करेंगे.
तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के प्रमुख चंद्रशेखर राव के कार्यालय के अनुसार राव भुवनेश्वर में 23 दिसंबर को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से और अगले दिन 24 दिसंबर को कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करेंगे. राव 25 दिसंबर से अपनी दिल्ली यात्रा के दौरान बसपा सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मुलाकात करेंगे.
राव ने लोकसभा चुनाव के लिए गैर कांग्रेसी और गैर भाजपाई क्षेत्रीय दलों को साथ लाने की दिशा में काम करने की घोषणा की थी. उनकी इस कवायद को उसी कड़ी में क्षेत्रीय दलों को साथ लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
उधर राव ने तेलंगाना में कांग्रेस को झटका देना शुरू करते हुए तेलंगाना विधान परिषद में कांग्रेस के चार सदस्यों को TRS में शामिल कराने में सफलता पायी. कांग्रेस के चार विधानपरिषद सदस्यों एम एस प्रभाकर राव, टी संतोष कुमार, के दामोदर रेड्डी और अकुला ललिता ने विधान परिषद के सभापति के. स्वामी गौड़ से मुलाकात कर अनुरोध किया कि ऊपरी सदन में उनका विलय राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी TRS में कर दिया जाए.
विधान परिषद के चारों कांग्रेसी सदस्यों ने पत्र में कहा कि 20 दिसम्बर को विधान परिषद में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें विधान परिषद में TRS के साथ उसके विलय पर चर्चा हुई. पत्र में लिखा गया है कि- हमने तेलंगाना विधान परिषद में TRS विधायक दल में विलय करने पर सहमति जताई है. संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा चार के तहत TRS विधायक दल में विलय के लिए उनके पास आवश्यक संख्याबल है, तेलंगाना विधान परिषद में कांग्रेस के कुल छह सदस्य हैं.



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