गुरु गोविंद सिंह महाराज के दरबार में लगी श्रद्धालुओं की कतार

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गुरुनगरी पटना साहिब का चप्पा-चप्पा श्रद्धालुओं से पटा रहा। हर तरफ सफेद, पीली, नीली, हरी समेत रंग-बिरंगी पगड़ी पहने पुरुष और माथे पर चुन्नी रखी महिलाएं दिख रही थीं, बाइपास से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। गुरु गोविंद सिंह महाराज की जन्मस्थली की पावन मिट्टी को नमन करना और दरबार साहिब में हाजिरी लगाने वालों में सिख संगत के अलावा स्थानीय लोगों की तादाद भी कम नहीं रही। पूरी आस्था के साथ सिर को ढके पटना के लोग भी दरबार साहिब में मत्था टेकने और लंगर छकने में पीछे नहीं रहे।
तख्त श्री हरिमंदिर साहिब, बाललीला गुरुद्वारा और बाइपास टेंट सिटी में दीवान साहिब के समक्ष मत्था टेकने के लिए होड़ दिखी। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी समेत यूके, इंग्लैंड, कनाडा अन्य देशों से संगत यहां पहुंची। बाइपास टेंट सिटी में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भी के लंगर छका। सबका भाव एक कि लंगर प्रसाद खाने से गुरु महाराज की कृपा होती है।
हाँलाकि अमृतसर एक अलग मिजाज का शहर है, जिसे पंजाब का दिल भी कहा जाता है, जहां चरों ओर पंजाबियत की खुशबू बिखरी है। जिसके स्वभाव में बेफिक्री, सादगी और मस्तमौलापन है, कुछ ऐसी ही खुशबू पटना में बिखरी। गुरु की नगरी का मिजाज बिल्कुल बदला-बदला रहा, अमृतसर का मिजाज, खुशबू, रंग, सजावट और मस्तमौलापन पटना में दिखा। लंदन, शिकागो, केन्या, आॅस्ट्रेलिया, यूके समेत अन्य देशों के साथ साथ पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बंगाल, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड आदि जगहों से आई संगत ने भी पटना में अमृतसर का अक्स देखते हुए कहा कि शुकराना समारोह में गुरु की नगरी पटना, अमृतसर से कम नहीं दिखती। तख्तश्री हरिमंदिर साहिब, बाललीला गुरुद्वारा, कंगन घाट, बाइपास टेंट सिटी का दरबार हॉल और शहर के चौक-चौराहों पर की गई सजावट में पंजाब के धड़कते दिल को महसूस कर सकते हैं। हर जगह श्रद्धालुओं के स्वागत में जी आया नूं के शब्द आंखों में कैद होते रहे।
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देश भर से आए श्रद्धालु बोले बोले कि इतनी बेहतरीन तैयारी और मेहमाननवाजी कहीं भी नहीं देखी। सरकार और प्रशासन के एक-एक पदाधिकारी और कर्मी दिल से सेवा कर रहे हैं। लोगों ने कहा कि जो स्वागत यहां हुआ और जिस तरह प्रकाश पर्व मनाया गया है, वैसा पंजाब में भी कभी नहीं हुआ। यहां की मेहमाननवाजी और आबोहवा दिल को छू गई है। जैसा सोचा था उससे लाखों गुना अधिक इज्जत और प्रेम मिला है, संगत इस बार की व्यवस्था से निहाल है।
लंदन से आये अमृतपाल सिंह पुरे मनोयोग से टेंट सिटी में सबसे बड़े लंगर में सेवा दे रहे थे, बोले- पूछिए मत जी… बहुत तगड़ा इंतजाम है। लंगर की सेवा, कीर्तन की सेवा, संगत की सेवा और सबसे बड़ी चीज है सफाई, सबकुछ बेमिसाल। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जितना ख्याल रखा, हर तरह की व्यवस्था दी, दूसरी जगह संभव नहीं है। जितना किया है उन्होंने, हमें नहीं लगता कि कोई और इतना कर पाएगा।
सभी बिहारियों के व्यवहार से निहाल दिखे। लंदन से आए खुशवंत सिंह और जसविंदर सिंह ने कहा कि चार दिन हो गए जी, अबतक सौ रुपए भी खर्च नहीं हुए हैं। टेंट सिटी में रहने का बढ़िया इंतजाम, कहीं भी आने-जाने के लिए बस ई-रिक्शा और खाना लंगर में। गुरु कृपा से यहां आकर धन्य हो गये। गुरु दर्शन के लिए कई राज्यों में गए, मगर इतनी अच्छी व्यवस्था कहीं देखने को नहीं मिली। जितनी तारीफ करूं कम है। पूरी दुनिया में यह आयोजन मिसाल बनेगा। बिहार की ब्रांडिंग होगी। सुपर से भी ऊपर है इंतजाम।
आयोजन हमारा सौभाग्य : नीतीश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि शुकराना समारोह के आयोजन को हम अपना सौभाग्य मानते हैं। दशमेश पिता सर्वंशदानी गुरु गोविंद सिंह महाराज का यहां जन्म होना बिहारवासियों के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 350वें प्रकाश पर्व का आयोजन से मैं बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ कि हमें सेवा का अवसर मिला।

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