गायन, नृत्य और नाटक की त्रिवेणी बही

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ऑड्रे हाउस रांची में पर्यटन कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के सांस्कृतिक कार्य निदेशालय द्वारा आयोजित शनिपरब सांस्कृतिक कार्यक्रम में नृत्य नाटक और गायकी की त्रिवेणी शनिवार की संध्या में देखने को मिली.
दिव्य ज्योति नाहा की टीम ने गणपति वंदना एवं नारी शक्ति पर आधारित मनभावन नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की वाहवाही लूटी. दर्शकों ने कलासागर संस्था के कलाकारों के आकर्षक छउ नृत्य को भी खूब सराहा. पटना की लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत के “हमरा आम अमरैया बड़ा नीक लागेला, आग लागे सईया जी तोहरी नौकरिया कि कईसे जईबे ना, पिपरा के पतवा फनगिया डोले रे ननदी, वैसे डोले जियरा हमार रे छोटकी ननदी, पटना से पाजेब बलम जी आरा से होंठलाली, , मंगाईद छपरा से चुनरिया छींटवाली” लोक गीतों ने ऐसा समां बांधा कि दर्शक वाह-वाह करने लगे. नवगीत ने अपने एल्बम बिटिया है अनमोल रतन के गीत “या रब हमारे देश में बिटिया का मान हो” के माध्यम से बेटियों को पढ़ाने, आगे बढ़ाने, भ्रूण हत्या की समाप्ति तथा महिलाओं की इज्जत करने की अपील की.
साकेत चट्टोपाध्याय और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत हास्य नाटक ‘आप कौन चीज के डैरेक्टर हैं जी’ ने लोगों को हँसते- हँसते लोट- पोट करा दिया. सांस्कृतिक कार्य निदेशालय का यह आयोजन काफी शानदार रहा जिस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार मधुकर, अशोक कुमार सिंह, चंद्रदेव सिंह डॉ कमल बोस, ब्रज किशोर प्रसाद इत्यादि भी उपस्थित थे.


बापू वाटिका में गुंजा राम धुन
विभाग के तत्वावधान में मोरहाबादी मैदान की बापू-वाटिका में आयोजित सुबह-सवेरे कार्यक्रम में भी पटना की प्रसिद्ध गायिका डॉ नवगीत ने भजनों, भक्ति-गीतों और गांधी जी के जीवन पर आधारित गीतों की प्रस्तुति कर लोगों को भाव विभोर कर दिया. “वैष्णव जन तो तेने कहिए जे पीर पराई जाने रे” से शुरुआत कर नवगीत ने “गंगा जी के पनिया मंगाइब, कलसा धराईब हो, देखकर रामजी को जनक नंदिनी बाग में बस खड़ी की खड़ी रह गई, राम देखें सिया को सिया राम को, भक्ति जगा के मन में ओढ़ ल चुनरिया, का ले के शिव के मनाईब हो, शिव मानत नाही” गीतों की प्रस्तुति कर माहौल को भक्तिमय बना दिया. नवगीत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित “सत्य की राह दिखाई दियो रे लाठी वाले बापू, अहिंसा का अलख जगाए दियो रे लाठी वाले बापू गाकर लोगों से सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चलने की अपील की. “हमें आजादी बिना खड़ग बिना ढाल साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल गीत के माध्यम से भी बापू को श्रद्धांजलि देते हुए अंत में बापू के प्रसिद्ध भजन रघुपति राघव राजा राम प्रस्तुत किया. प्रस्तुति के दौरान मुकुल कुमार ने ऑर्गन पर, अतनु कुमार चटर्जी ने पैड पर और संजीव कुमार पाठक ने तबला पर संगत किया. कार्यक्रम में डॉ कमल बोस, चंद्रदेव सिंह, हरेंद्र सिन्हा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे.

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