गरीबी, गंदगी, आतंकवाद, जातिवाद भारत छोड़ो : मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमाम राज्यों में आई बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि इससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं PM ने गंदगी, गरीबी, जातिवाद के विरुद्ध युद्ध का आह्वान करते हुए आगामी पांच साल का एजेंडा दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में कहा कि मन की बात कार्यक्रम की तैयारी मुझसे ज्यादा जनता करती है। मुझे खुशी है कि पिछले तीन साल से लगातार देश के हर कोने से मुझे सुझाव मिलते हैं कि मुझे क्या करना चाहिए। इस साल भी मैं कहता हूं कि मुझे सुझाव भेजें। पीएम मोदी ने कहा कि इस बार 15 अगस्त को 40-50 मिनट का छोटा भाषण देने की कोशिश होगी।
मोदी ने कहा कि बारिश का मौसम लोगों के लिए लुभावना वक्त होता है। कभी-कभी बारिश से बाढ़ आती है तो इसका विकराल रूप सामने आता है। प्रकृति के इस रूप से निराशा भी होती है। पिछले दिनों गुजरात, राजस्थान, नॉर्थईस्ट और बंगाल में बाढ़ आई है। सरकार बाढ़ पीड़ितों की पूरी मदद कर रही है। सेना और एनडीआरएफ के जवान लोगों को निकालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। बाढ़ से किसानों को काफी नुकसान होता है। हमने फसल बीमा के लिए कंपनियों को प्रो-एक्टिव होने के लिए कहा है। किसान हेल्पलाइन नंबर पर परेशानियां बता रहे हैं। मौसम का अनुमान करीब-करीब सही निकल रहे हैं। ये सब स्पेस टेक्नोलॉजी की बदौलत है।


प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी को लेकर कहा कि इसका लागू होना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। जीएसटी लागू होने के बाद ग्राहकों का व्यापारियों पर भरोसा कायम हुआ है। एक ही महीने में इसके फायदे दिखने लगे हैं। जीएसटी के लिए कई लेटर और मैसेज आए। मुझे खुशी होती है कि गरीबों के लिए चीजों के दाम कैसे कम हो गए हैं। कारोबार आसान हो गया है। कारोबारियों की आय बढ़ी है। ट्रकों की रफ्तार बढ़ने से पॉल्यूशन कम हुआ है। ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक सिस्टम आसान हो गया है। गुड एंड सिम्पल टैक्स से स्मूथ ट्रांजैक्शन हुए हैं। पूरी दुनिया में इकोनॉमी के जानकार इस पर रिसर्च करके जरूर लिखेंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अगस्त का महीना एक तरह के क्रांति का महीना है। इस साल भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल पूरे हो रहे हैं। एक अगस्त को असहयोग आंदोलन और 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ। 15 अगस्त को देश आजाद हुआ। अंग्रेजो भारत छोड़ो का नारा डॉक्टर यूसुफ मेहर अली ने दिया। युवा पीढ़ी को इसे जानना चाहिए। इस आंदोलन से जुड़कर लोग अंग्रेज सरकार के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन का हिस्सा बन गए थे। गांधीजी के कहने पर लाखों लोग करो या मरो के नारे पर खुद को आजादी के लिए झोंक रहे थे। अंग्रेजों ने महापुरूषों को जेल में डाल दिया। 1920 और 1942 में बापू के आंदोलन के दो रूप दिखाई देते हैं।
मोदी ने कहा कि 2017 में आज़ादी के 70 साल हो चुके हैं। इस बीच कई सरकार आईं। 2017 से 2022 के लिए नया संकल्प लें। अगर देशवासी 9 अगस्त क्रांति के दिन संकल्प ले कि मैं देश के लिए क्या करूंगा तो अगले 5 साल भी भारत के भविष्य के लिए निर्णायक बन सकते हैं। 2022 में जब हम आजादी के 75 साल मनाएंगे तो नारा हो कि नए भारत के लिए गरीबी भारत छोड़ो, सांप्रदायिकता भारत छोड़ो, बेईमानी भारत छोड़ो, गंदगी भारत छोड़ो, आतंकवाद भारत छोड़ो और जातिवाद भारत छोड़ो। सभी लोग न्यू इंडिया के लिए कुछ न कुछ संकल्प लें। नए आइडिया उजागर कर सकते हैं। एक व्यक्ति के रूप में मेरा क्या योगदान हो सकता है। हम कहीं हो ना हों ऑनलाइन जरूर होते हैं। इंटरनेट पर अपने आइडिया सोशल मीडिया और ब्लॉग में शेयर करें।

मोदी ने कहा कि हमारे त्योहार गरीब से गरीब के लिए कमाई का मौका होता है। राखी के कई महीने पहले लोग राखियां बनाने लगते हैं। खादी-रेशम की राखियां बनने लगती हैं। गरीबों के परिवार इसी से तो चलते हैं। दिवाली पर गरीब परिवार के बनाए दियों से हमारे और उनके घर में भी उजाले होते हैं। लोगों ने मुझे चिट्ठियां लिखी हैं कि इस बार आप वक्त से पहले लोगों को मिट्टी के गणेश के बारे में बताएं। तिलक जी ने समाज की जागरुकता के लिए सावर्जनिक गणेशोत्सव शुरू किया था। तिलक के शुरू किए गणेशोत्सव के 125 साल हो गए। आप लोग इस मौके पर निबंध प्रतियोगिताएं कराएं। इको-फ्रैंडली मिट्टी के गणेश अपने घर लाएं। आइए अपने त्योहारों को गरीब के साथ जोड़ें। ताकि ये भी उनके लिए एक आर्थिक उत्सव बन जाए।
प्रधानमंत्री ने हाल ही में हुए महिला विश्व कप टूर्नामेँट के बारे में कहा कि जब हमारी महिला क्रिकेट टीम की बेटियां विश्व कप फाइनल में सफल नहीं हो पाईं तो सवा सौ करोड़ लोगों ने हार को अपने कंधे पर रख लिया। इसकी नुझे बहुत खुशी हुई। मैंने कहा भी कि आप मैच जीतें या न जीतें लेकिन सवा सौ करोड़ हिन्दुस्तानियों का दिल जीत लिया है। इसके लिए मैं बेटियों को दिल से बहुत- बहुत बधाई देता हूं।
मोदी ने अपने 34वें मन की बात कार्यक्रम में कहा कि “NarendraModiApp पर युवा मित्रों के लिए ‘ट्वीट इंडिया क्विज’ लॉन्च किया जाएगा। पिछली बार मन की बात में PM ने बारिश, शौचालय, भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आदि जैसे विषयों पर बात की थी। प्रधानमंत्री बनने के कुछ महीने बाद तीन अक्टूबर 2014 को मन की बात कार्यक्रम की शुरूआत हुई थी। इस कार्यक्रम के जरिए से पीएम मोदी महीने के अंतिम रविवार को अहम विषयों पर जनता को संबोधित करते हैं।

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