पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज कहा कि जो लोग उन पर मुसलमानों के तुष्टीकरण का आरोप लगाते हैं, वे न तो हिन्दुओं के मित्र हैं और न ही मुसलमानों के मित्र हैं. ममता ने कहा, ‘‘कुछ लोग मुझ पर मुसलमानों के तुष्टीकरण का आरोप लगाते हैं. उनसे मेरा सवाल है कि क्या हिन्दुओं से प्यार करने का मतलब मुसलमानों से नफरत करना है. मैं सभी समुदायों और धर्मों का सम्मान करती हूं और उनसे प्यार करती हूं. देश हर किसी का है.’’
मुख्यमंत्री ने रेड रोड पर ईद उल फित्र पर्व मनाने के लिए इकट्ठा हुए लोगों से कहा, ‘‘जो लोग यह कहते हैं कि मैं मुसलमानों का तुष्टीकरण करती हूं, वे न तो हिन्दुओं के मित्र हैं और न ही मुसलमानों के मित्र हैं.’’ बीजेपी और कुछ दूसरे संगठन आरोप लगाते रहे हैं कि ममता राजनीतिक फायदे के लिए मुसलमानों का तुष्टीकरण कर रही हैं.
सीएम ममता ने कहा कि यह उनके विरोध की वजह से है कि नीति आयोग की जो बैठक आज होनी थी, वह अब कल होगी. उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार के अधिकारियों से मेरा सवाल है कि क्या उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि 16 जून को ईद मनाई जाएगी. नीति आयोग की बैठक इस दिन क्यों रखी गई? मैंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि तारीख बदली जाए जिससे कि बैठक ईद के दिन न हो.’’ उन्होंने कल इस बात की पुष्टि की थी कि वह दिल्ली में नीति आयोग की 17 जून को पुनर्निर्धारित बैठक में शामिल होंगी.
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक के लिए पहले 16 जून की तारीख निर्धारित की गई थी, लेकिन इस दिन ईद होने की वजह से इसकी तारीख बदलकर 17 जून कर दी गई. ममता और कुछ दूसरे मुख्यमंत्रियों ने ईद के चलते 16 जून को इस बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई थी. इसके बाद बैठक की तारीख 17 जून कर दी गई.

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