सार्वजनिक क्षेत्र के कैनरा बैंक द्वारा छोटे बैंकों विजया बैंक और देना बैंक को अधिग्रहण करने के प्रस्‍ताव पर जोरशोर से चर्चा चल रही है। कैनरा बैंक की देशभर में 7,000 ब्रांच हैं।
इन बैंकों के बीच इस संबंध में जारी बातचीत के संदर्भ में एक वरिष्‍ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि पहले विजया और देना बैंकों को आपस में विलय होगा, उसके बाद कैनरा बैंक विलय के बाद बनने वाले नए बैंक का अधिग्रहण करेगा।

बाजार मूल्‍यांकन के हिसाब से भारतीय स्‍टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक के बाद कैनरा बैंक देश का चौथा सबसे बड़ा बैंक है। इस प्रस्‍ताव पर सितम्बर से कारवाई प्रारम्भ होने की सम्भावना है।
सरकार तीन स्‍तरीय बैंकों के गठन पर विचार कर रही है। इसके तहत देश में केवल 10-12 बैंक ही होंगे, जिनकी संख्‍या वर्तमान में 21 है। सरकार की योजना देश में SBI के बराबर कम से कम तीन बैंक बनाने की है।
वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने इस माह के शुरुआत में कहा था कि सरकारी बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा करने के बाद सरकार इनके विलय पर तेजी से काम करेगी। इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और सिंडीकेट बैंक से भी आपस में विलय की संभावनाओं पर विचार करने के लिए कहा गया है।

देना बैंक उन पांच सरकारी बैंकों में से एक है, जिन्‍हें RBI के प्रोम्‍प्‍ट करेक्टिव एक्‍शन प्रोग्राम में रखा गया है, इसके तहत इन बैंकों पर विभिन्‍न प्रतिबंध लगाए गए हैं। यह बैंक अब कोई नया लोन नहीं दे सकते हैं और न ही डिविडेंड का वितरण कर सकते हैं। मार्च तिमाही में देना बैंक को 575.26 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। अन्‍य चार बैंकों में IDBI, बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक शामिल हैं।

ताज़ा अपडेट पाने के लिए हमारे पेज को लाइक करें


loading…

Loading…



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *