भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की फांसी पर पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने एक बड़ा बयान देते कहा कि जाधव की सजा पर पुनर्विचार की गुंजाइश है.
एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत करते हुए अब्दुल बासित ने कहा कि जब तक कुलभूषण जाधव का मामला अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में है, तब तक उन्हें फांसी नहीं दी जाएगी. बासित ने कहा कि भले ही ICJ का फैसला आने में दो-तीन साल लग जाएं, लेकिन उससे पहले फांसी नहीं दी जाएगी. हालांकि हम चाहते हैं इस मामले में कोर्ट का फैसला जल्द आए.
अब्दुल बासित ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के अलावा भी कुलभूषण जाधव के पास फांसी की सजा से बचने के उपाय हैं. बासित ने बताया कि अगर ‘कोर्ट ऑफ अपील’ से भी जाधव की अपील रद्द हो जाती है, तो भी उनके पास अपील का मौका है.

उन्होंने कहा कि जाधव पहले आर्मी चीफ जनरल से दया की फरियाद कर सकते हैं, उसके बाद राष्ट्रपति के पास भी दया याचिका दी जा सकती है.
पाकिस्तान ने 46 वर्षीय पूर्व नौसेना अधिकारी कुलभूषण जाधव को मार्च, 2016 में गिरफ्तार किया था. जिसके बाद पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जाधव को जासूसी और विध्वंसक गतिविधियों के आरोपों में मौत की सजा सुनाई थी.
सजा के खिलाफ भारत ने 8 मई को ICJ का दरवाजा खटखटाया था. जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने फांसी पर रोक लगा दी. कोर्ट के इस फैसले के बाद पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा, लेकिन चर्चा ये भी थी कि वो जाधव को फांसी दे सकता है. फिलहाल ये मामला अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में लंबित है.

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