कुलभूषण जाधव कांच की दीवार के पीछे से मां और पत्‍नी से मिले, इंटरकॉम से किया बात

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पाकिस्तान की जेल में 21 महीने से बंद कुलभूषण जाधव से सोमवार को इस्‍लामाबाद स्थित विदेश मंत्रालय के आगा शाही ब्लॉक में उनकी पत्नी और मां की मुलाकात हुयी. यह मुलाकात बुलेटप्रूफ शीशे की दीवार के पीछे से हुयी. जाधव को पिछले वर्ष तीन मार्च को गिरफ्तार किया गया था.
लगभग 30 मिनट की इस मुलाकात के पहले पाक विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने जाधव की मां और उनकी पत्नी की तस्वीर ट्वीट करते हुए कहा कि दोनों पाकिस्तान विदेश मंत्रालय में आराम से बैठी हैं. हमने अपनी प्रतिबद्धता निभाई है. पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की पुण्यतिथि के अवसर पर मानवीय आधार पर यह इजाजत दी गई.
जाधव का परिवार सोमवार को ही दुबई के रास्ते इस्लामाबाद पहुंचा. भारतीय उच्चायोग में करीब आधा घंटा रहने के बाद वह पाक विदेश मंत्रालय पहुंचे. इस यात्रा से पहले भारत ने पाकिस्तान के सामने तीन शर्तों रखी थी जिसे पाकिस्‍तान के स्‍वीकार किया था और सोवेरन गारंटी हासिल होने के बाद ही भारत ने इस यात्रा को हरी झंडी दी थी.
भारत की पहली शर्त थी की जब कुलभूषण का परिवार पाकिस्तान में होगा तो मां और पत्नी से किसी तरह की पूछताछ की कोशिश नहीं की जाएगी. दूसरी की जब तक वे पाकिस्तान की जमीन पर रहेंगे उनके सुरक्षा की पूरी गारंटी पाकिस्तान की होगी. साथ ही भारतीय उच्चायोग का एक अधिकारी हमेशा परिवार के साथ रहेगा. तब भी जब परिवार कुलभूषण जाधव से मिल रहा होगा.
पाकिस्तान ने भारत से अनुरोध किया था कि परिवार की बातचीत मीडिया से कराई जाए. लेकिन परिवार की सुरक्षा और उनकी परेशान मानसिक स्थिति के मद्देनजर भारत ने इसकी इजाजत नहीं दी थी. पाकिस्तान ने परिवार को 3 दिनों का वीजा दिया था लेकिन भारत की तरफ से पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को सूचना दी गई कि परिवार 25 दिसंबर को ही कमर्शियल फ्लाइट से पाकिस्तान उतरेगा और कुलभूषण से मुलाकात के बाद उसी दिन वापस निकलेगा.
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पाकिस्तान ने जाधव पर जासूसी, आतंकवाद फैलाने और देश के खिलाफ साजिश में शामिल होने का आरोप लगाकर एकतरफा सुनवाई कर मुकदमे में जबरिया इकबालिया बयान के आधार पर दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुना दी. इस बीच भारत ने बीस बार कुलभूषण से मिलने की इजाजत मांगी लेकिन पाकिस्तान ने काउंसलर एक्सेस की भारत की मांग को हर बार ठुकरा दिया.
भारत ने साफ़ किया कि कुलभूषण उसका नागरिक है जो नेवी से रिटायरमेंट ले चुका है. ईरान में व्यवसाय के सिलसिले में था जहां से अगवा कर उसे पाकिस्तान ले जाया गया और झूठे मामले में फंसा दिया गया. पाकिस्तान कुलभूषण को आनन-फानन में फांसी देता इससे पहले ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय अदालत में मामले को उठा दिया. जिसने फांसी पर 18 मई, 2017 को फौरी रोक लगा दी जो पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका रहा. मामला अभी विचाराधीन है. अंतरराष्ट्रीय अदालत के फ़ैसले के बाद दुनिया में अपना चेहरा बचाने के लिए पाकिस्तान ने मानवीय आधार पर सिर्फ कुलभूषण की पत्नी को वीजा देने का प्रस्ताव रखा. परन्तु भारत ने कहा की पत्नी के साथ ही मां को भी वीजा चाहिए, तब पाकिस्तान दोनों को वीजा देने को तैयार हुआ.
जाधव की मां और पत्नी से मुलाकात के पीछे पाकिस्तान ने इंसानियत की दलील दी लेकिन हकीकत में इस मुलाकात के बहाने एक बार फिर पाकिस्तान का अमानवीय चेहरा ही सामने आया. मां और बेटे की मुलाकात के बीच शीशे की दीवार से पाकिस्तान की थू थू हुयी. अपनी खामियों को छुपाने के लिए पाकिस्तान एक के बाद लगातार झूठ बोलता रहा और हर बार उसका झूठ बेनकाब होता रहा.
पाक का सबसे बड़ा झूठ शीशे की दीवार के सवाल पर दिखा जब पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने दलील दी कि सुरक्षा कारणों से ऐसा किया गया. सवाल उठता है कि जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता हो इतनी कड़ी सुरक्षा के बीच किसकी सुरक्षा किससे, कुलभूषण की माँ और पत्नी से? या माँ और पत्नी की कुलभूषण से?

मुलाकात के दौरान पाकिस्तान ने इसमें राजनयिक पहुंच की अनुमति दी थी. उसके विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ अब्बास ने बयान दिया था कि मुलाकात के दौरान पाकिस्तान कुलभूषण को राजनयिक छूट की अनुमति भी दे रहा है. पर पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कहा कि राजनयिक छूट नहीं यह सिर्फ इंसानियत का मामला है, इसीलिए भारतीय उच्चायुक्त जेपी सिंह को कुलभूषण से मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई.
पाक के कायदे आजम मुहम्मद अली जिन्ना के जन्मदिन 25 दिसंबर को कुलभूषण से उनकी मां और पत्नी की मुलाकात को इंसानियत का नाम दिया. पर इस मुलाकात के दौरान इंसानियत कहीं नहीं दिखी, न मां ने बेटे को गले लगाया और ना ही पत्नी अपने पति को छू सकी. मुलाकात शीशे के पार से और बात हुई तो इंटरकॉम से हुयी.
इस भेंट के लिए पाकिस्तान ने पूरी तैयारी करते हुए कुलभूषण को कुलभूषण को सूट पहनाया था, पर पाकिस्तान का झूठ छुप नहीं सका, कुलभूषण पर खूब जुल्मो सितम ढाए गये हैं, इसकी चुगली फोटो में नजर आने वाले शरीर के हिस्से दे रहे थे. उनके कान और सिर पर चोट के निशान साफ दिखे. 47 साल के कुलभूषण 60-65 साल के बुजुर्ग जैसे दिखाई दे रहे थे.
वाहवाही बटोरने की जल्दीबाज़ी में पाकिस्तान ने मुलाकात के बाद फौरन प्रेस कान्फ्रेंस कर एक वीडियो दिखाया. जिसमें कुलभूषण अपने परिवार से मुलाकात के लिए पाकिस्तान का धन्यवाद कर रहे थे, पर वीडियो से स्पष्ट था कि यह प्री रिकोर्डेड है.
मोहम्मद फैसल के अनुसार जाधव की परिजनों से यह आखिरी मुलाकात नहीं है. पर इस मुलाकात का ये मतलब नहीं है कि जाधव को लेकर हमारे स्टैंड में कोई बदलाव आया है. कॉन्स्यूलर एक्सेस (राजनायिक मदद) के लिए भारत की तरफ से प्रपोजल आया है, लेकिन इस पर सही वक्त आने पर ही फैसला लिया जाएगा.

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