कुपोषण अभी भी देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती, बेटियों को भी मिले समान अवसर : राष्‍ट्रपति

 109 


राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 69वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्‍या पर राष्ट्र के नाम संबोधन देते हुए कहा कि यह राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना के साथ हमारी सम्प्रभुता का उत्सव मनाने का अवसर है. उन्होंने देश में योगदान देने वालों को नमन करते हुए कहा कि कुपोषण अभी भी देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है. बेटियों को भी समान अवसर दिये जाने की बात करते हुए राष्‍ट्रपति ने देशवासियों को इस अवसर पर बधाई दिया.
उन्होंने कहा कि आज के दिन कृतज्ञता के साथ लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और बलिदान का स्मरण करें जिनके खून और पसीने ने हमें स्वतंत्रता दी और हमारे गणतंत्र को बनाया. यह हमारे रिपब्लिकन मूल्यों को पूरा करने का दिन है. नागरिक एक गणराज्य को बनाते और बनाए रखते हैं. सभी वास्तव में एक खंभे हैं, हम में से हर एक स्तंभ है, सैनिक हमारे गणराज्य का बचाव करते हैं तो किसान पुरे गणतंत्र को खिलाता है.
राष्ट्रपति ने कहा कि जहां बेटियों को, बेटों की ही तरह, शिक्षा, स्वास्थ्य और आगे बढ़ने की सुविधाएं दी जाती हैं, ऐसे समान अवसरों वाले परिवार और समाज ही एक खुशहाल राष्ट्र का निर्माण करते हैं. राष्ट्र निर्माण करोड़ों छोटे-बड़े अभियानों को जोड़कर बना, एक सम्पूर्ण अभियान है. नागरिकों के चरित्र का निर्माण करना, परिवार द्वारा अच्छे संस्कारों की नींव डालना और समाज से अंध-विश्वास तथा असमानता को मिटाना, ये सभी राष्ट्र-निर्माण की दिशा में योगदान हैं. संविधान का निर्माण करने, उसे लागू करने और भारत के गणराज्य की स्थापना करने के साथ ही, हमने वास्तव में ‘सभी नागरिकों के बीच बराबरी’ का आदर्श स्थापित किया, चाहे हम किसी भी धर्म, लिंग, क्षेत्र या समुदाय के क्यों न हो.
राष्‍ट्रपति ने कहा कि जिस शुरुआती दौर में, हमारे संविधान का स्वरुप तय किया गया, उस दौर से मिली हुई सीख हमारे लिए आज भी प्रासंगिक है. हम जो भी कार्य करें, जहां भी करें और हमारे जो भी लक्ष्य हों, उस दौर की सीख, हर क्षेत्र में हमारे लिए उपयोगी है. हमारे संविधान निर्माता बहुत दूरदर्शी थे. वे ‘कानून का शासन’ और ‘कानून द्वारा शासन’ के महत्त्व और गरिमा को भली-भांति समझते थे. वे हमारे राष्ट्रीय जीवन के एक अहम दौर के प्रतिनिधि थे. हम सौभाग्यशाली हैं कि उस दौर ने हमें गणतंत्र के रूप में अनमोल विरासत दी है. उन्होंने पल भर भी आराम नहीं किया और दुगने उत्साह के साथ संविधान बनाने में पूरी निष्ठा के साथ जुट गए. उनकी नजर में हमारा संविधान, हमारे नए राष्ट्र के लिए केवल एक बुनियादी कानून ही नहीं था, बल्कि सामाजिक बदलाव का एक दस्तावेज था.
राष्‍ट्रपति ने कहा कि हमें आजादी एक कठिन संघर्ष के बाद मिली थी. इस संग्राम में, लाखों लोगों ने हिस्सा लिया. उन स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया. महात्मा गांधी के नेतृत्व में, ये महान सेनानी, मात्र राजनैतिक स्वतंत्रता प्राप्त करके संतुष्ट हो सकते थे. समता या बराबरी के इस आदर्श ने, आज़ादी के साथ प्राप्त हुए स्वतंत्रता के आदर्श को पूर्णता प्रदान की. एक तीसरा आदर्श हमारे लोकतंत्र के निर्माण के सामूहिक प्रयासों को और हमारे सपनों के भारत को सार्थक बनाता है. यह है, बंधुता या भाईचारे का आदर्श.
राष्‍ट्रपति ने कहा कि हमारे वरिष्ठ नागरिक, जो गर्व के साथ यह देखते हैं कि वे अपने लोकतंत्र को कितना आगे ले आये हैं. हर-एक युवा जिसमें हमारे देश की ऊर्जा, आशाएं, और भविष्य समाए हुए हैं और हर-एक प्यारा बच्चा जो हमारे देश के लिए नए सपने देख रहा है, हर-एक नर्स जो देशवासियों की सेवा करती है, हर-एक स्वच्छता कर्मचारी जो हमारे देश को स्वच्छ रखता है, हर-एक अध्यापक जो हमारे देश को शिक्षित बनाता है, हर एक वैज्ञानिक जो हमारे देश के लिए इनोवेशन करता है, हर-एक इंजीनियर जो हमारे देश को एक नया स्वरुप देता है, हर एक सैनिक जो हमारे देश की रक्षा करता है, हर-एक किसान जो हमारे देशवासियों का पेट भरता है, हर-एक पुलिस और अर्ध-सैनिक बल जो हमारे देश को सुरक्षित रखता है, हर मां जो देशवासियों का पालन-पोषण करती है और हर डॉक्टर जो देशवासियों का उपचार करता है गर्व के साथ देखते हैं कि वे अपने लोकतंत्र को कितना आगे ले आये हैं.
राष्‍ट्रपति ने कहा कि देश के लोगों से ही लोकतंत्र बनता है. हमारे नागरिक, केवल गणतंत्र के संरक्षक ही नहीं हैं, बल्कि वे ही इसके आधार स्तम्भ भी हैं. हमारा हर नागरिक, हमारे लोकतन्त्र को शक्ति देता है. यह उन लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के महान प्रयासों और बलिदान को, आभार के साथ याद करने का दिन है, जिन्होंने अपना खून-पसीना एक करके, हमें आज़ादी दिलाई और हमारे गणतंत्र का निर्माण किया. आज का दिन हमारे लोकतान्त्रिक मूल्यों को नमन करने का दिन है.

हर ताज़ा अपडेट पाने के लिए Pileekhabar के Facebook पेज को लाइक करें


loading...


Loading...