रसायनिक उर्वरकों के बेतहाशा इस्तेमाल के कारण खेतों की उर्वरा शक्ति क्षीण हो रही है तथा उत्पादनों की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है. किसान जैविक खेती अपनाकर अपने खेत की खोई उर्वरा शक्ति भी पुनः प्राप्त कर सकते हैं तथा अपनी आमदनी भी बाधा सकते हैं.
राजद विधायक डॉ. अशोक कुमार ने डा अशोक आदर्श कुशवाहा सब्जी बाज़ार समिति में लगे किसान मेला का उद्घाटन करने के बाद उपस्थित जन समुदाय से खेती में जैविक पद्धति को अपनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि अगर अभी भी किसान भाई नहीं संभले तो बहुत देर हो जाएगी. खेतों की क्षीण होती उर्वरा शक्ति के पुनर्वापसी, खेतों की मीट्टी और मनुष्यों के स्वास्थ्य दोनों को बचाने का एकमात्र उपाय जैविक खेती ही है. जैविक खेती को विकल्प न मानते हुए जबतक किसान इसे अपना सच्चा साथी नहीं मानेंगे तब तक उनकी स्थिति में सुधार कम से कम अब तो असम्भव ही लगता है.
सब्जी उत्पादन के लिए सुप्रसिद्ध रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम के भारतीगंज करपुरवा स्थित आदर्श कुशवाहा सब्जी बाज़ार समिति में मकर संक्रांति के अवसर पर विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी मेला सह सब्जी-फल-फूल प्रदर्शनी का भव्य आयोजन हुआ. इस समिति की स्थापना 1980 में अगल- बगल के किसानों ने अपनी जमीन दान देकर की थी. समिति ने 1984 से ही मेला लगाना प्रारम्भ किया जो अनवरत अब तक प्रतिवर्ष लगता है.
अपने उद्घाटन भाषण में विधायक डॉ. अशोक ने कहा कि रोहतास जिले में उगायी जाने वाली सब्जियों की मांग अपने प्रदेश के अलावे झारखंड और उत्तर प्रदेश में भी होती हैं. यहाँ के सब्जी उत्पादकों ने यह मुकाम अपने बल बूते हासिल किया है. इसे और अधिक धारदार बनाने के लिए जैविक खेती अपनाना आवश्यक है जिसके लिए सरकार की ओर से भी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. उन्होंने सब्जी उत्पादकों का आह्वान किया कि कृषि विकास और किसानों को समृद्ध बनाने के लिए सरकार की ओर से चलायी जा रही प्रोत्साहन योजनाओं का वे लाभ उठावें. सरकार इस क्षेत्र में कई तरह के अनुदान दे रही है, उसका लाभ किसानों को लेना चाहिए. जिले के सैकड़ों किसान सरकार द्वारा प्रोत्साहन स्वरूप दिए जा रहे अनुदान का लाभ उठाकर
अपनी स्थिति सुधारने में सफल हुए हैं.


मेला में पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद, जिला परिषद सदस्य मीरा देवी, ताराचंडीधाम कमिटी के अध्यक्ष रवी रंजन सिंह, सोनवागढ़ शिवमंदिर के अध्यक्ष प्रेम चाँद सिंह मेहता, बसपा नेता अनिल यादव, कुशवाहा सभा भवन के अध्यक्ष जगदीश सिंह, जगजीवन स्मारक के चन्द्रमा राम, रामायण पांडेय एलौन, बाज़ार समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी, सचिव जगरोपन सिंह, कोषाध्यक्ष कमलेश महतो आदि बड़ी संख्या में गणमान्य लोग भी सभा में उपस्थित थे.
मेला में पिछले 35 वर्षों से लगने वाले सब्जी प्रदर्शनी में इस बार यहाँ कुल 36 प्रकार के सब्जी-फल और फूलों का प्रदर्शन किया गया. इस बार मेले में मुख्य आकर्षण का केंद्र बना स्ट्राबेरी, क्योंकि उसकी खेती रोहतास जिले में की ही नहीं जाती. सदर प्रखंड के आकाशी गांव निवासी किसान मनोज कुमार अपने उत्पाद स्ट्राबेरी के साथ प्रदर्शनी में भाग लेने आये थे. मनोज ने कुछ अलग करने की चाह में स्ट्राबेरी की सफल खेती की थी. स्ट्राबेरी के अकेले उत्पादक होने के फलस्वरूप उन्हें प्रथम पुरस्कार मिला. मेला में आये सभी अतिथियों तथा वहाँ उपस्थित सात भूमी दाताओं को भी अंगवस्त्रम से सम्मानित किया गया.
इनके अलावे निरंजनपुर के संजय महतो फूलगोभी, करपुरवा के शंभू सिंह को बंधा गोभी, भारतीगंज को प्रणाम महतो को आलू, भारतीगंज करपुरवा के दिलीप कुमार को टमाटर, भारतीगंज के सन्नी देओल को मुली, भारतीगंज के विशेश्वर कुमार को बैंगन, लखनुसराय के उदयचंद सिंह को धनिया पत्ती, नासरीगंज के दीनदयाल महतो को हरी मिर्ची, करपुरवा के चंदन सिंह को गाजर, भारतीगंज के उपेन्द्र सिंह को हरा प्याज, भारतीगंज के लालजी सिंह को पालक के साग, भारतीगंज के रामजन्म सिंह को बेसारीका साग, निरंजनपुर के उमेश कुमार को लौकी, भारतीगंज के कमल कुमार को कोहड़ा, लखनुसराय के रमेश चौधरी को करैला, नौगाई के ओमप्रकाश सिंह को मटर छीमी, कोटा के बसंत सिंह को अमरुद, भारतीगंज के जोखन महतो को केला और लखनुसराय के एस के सिंह को पपीता सहित 36 किसानों को उनकी शानदार उपज के लिए प्रथम पुरस्कार दिया गया. सभी वर्ग में द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार तथा कुछ को सांत्वना कुल 120 उत्पादकों को पुरस्कृत किया गया.



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