किसान मर रहे हैं और मोदी जी कहते हैं योगा करो : राहुल गांधी

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कांग्रेस के 84वें महाधिवेशन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि हजारों साल पहले कुरुक्षेत्र के मैदान में भीषण युद्ध हुआ था. तब कौरव अपने आप को काफी मजबूत समझते थे, कारण कि पांडव संख्या में बेहद कम थे लेकिन वे विनम्र थे और सत्य के लिए लड़े. उन्होंने आरएसएस और बीजेपी को कौरव तथा कांग्रेस को पांडव बताते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा सत्य के लिए लड़ती है. बीजेपी एक संगठन की आवाज है, लेकिन कांग्रेस देश की आवाज है. बापू का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी. भाजपा के अध्यक्ष स्वयं हत्या के आरोपी हैं.
उन्होंने कहा कि बीजेपी सत्ता के मद में चूर है, इस सरकार में लोगों की खुशियां छिन गई हैं. वे लोग नफरत फैलाते हैं. लेकिन कांग्रेस सच्चाई के साथ खड़ी है. राहुल गांधी ने कहा, ‘ भ्रष्टाचारी और पावरफुल लोग इस देश को चला रहे हैं, कहते हैं कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन युवाओं के पास रोजगार नहीं है. युवा बेरोजगार हैं. उन्होंने चीन का जिक्र करते हुए कहा कि चीन आज हर जगह है. चाहे वो कोई दुकान हो, डोकलाम हो या पाकिस्तान हर जगह चीन का वर्चस्व है.
राहुल गांधी ने कहा कि पीएम ने सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन धरातल पर वो कुछ नहीं कर पाए. हमें सच बोलने से कोई नहीं रोक सकता. पीएम आवाज उठाने पर मुद्दों से भटकाते हैं, कोई सवाल उठाता है तो कहते हैं कि चलो योगा करते हैं. इस सरकार में दलितों पर काफी अत्याचार हो रहा है, किसान मर रहे हैं. मुसलमान इस देश का समर्थन करते हैं, लेकिन इस सरकार में कहा जाता है कि पाकिस्तान चले जाओ. data-ad-slot=”2847313642″

उन्होंने नीरव मोदी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार की आंख के सामने इतना बड़ा बैंकिंग घोटाला हो गया और आरोपी देश से बाहर भाग गया.
उन्होंने कहा कि गुजरात चुनाव में लोगों ने कहा कि मैं मंदिर में जाता हूं, यह अजीब बात है क्योंकि सालों से मैं मंदिर जाता हूं, गुरुद्वारे और चर्च भी जाता हूं. 10-15 साल पहले 24 साल की उम्र में राजनीति में आया और बहुत कुछ सीखने को मिला. राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं में ऊर्जा है, देश को बदलने की शक्ति है, लेकिन उनके और हमारे नेताओं के बीच दीवार है, मेरा काम दीवार को तोड़ना है. परन्तु गुस्से से नहीं प्यार से. दीवार के अलग-अलग रूप होते हैं. पैराशूट से टिकट लेकर गिरने के बाद कार्यकर्ताओं से कहा जाता है कि तुम कार्यकर्ता हो. मैं कहता हूं कि कार्यकर्ताओं को ही टिकट मिलेगा, हमने गुजरात में यही किया.
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए ही मैंने इस स्टेज को खाली किया है. हम युवाओं को मौका देंगे. हिदुस्तान को युवा ही बदल सकता है. युवा के बिना देश को नहीं बदला जा सकता. जिनके अंदर कांग्रेस की आग जलती है उन टैलेंटेड लड़के-लड़कियों को यहां लाऊंगा. सभी युवाओं को कांग्रेस में जगह मिलेगी. दुनिया में आज दो विजन हैं, अमेरिका और चाइना. मैं चाहता हूँ इनके बीच में इंडिया के विजन को दुनिया सबसे अच्छा विजन कहे. चाइना के साथ प्यार से मुकाबला करना है.
उन्होंने कहा कि यह देश कभी नहीं भूलेगा कि किसानों ने देश को बनाया है. किसान की ज्यादा से ज्यादा फसल खराब हो जाती है. कांग्रेस पूरे देश में फूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री लगाएगी और किसानों की रक्षा करेगी. आज व्यापम स्कैम पूरे देश में फैला रहा है, युवा धरना दे रहे हैं. शिक्षा का स्तर गिर रहा है. प्रश्न पत्र खरीदकर लोग परीक्षा पास कर रहे हैं. आईआईटी और आईआईएम जैसे शिक्षा संस्थान देने की कोशिश करेंगे. सुप्रीम कोर्ट के चार जज न्याय के लिए जनता की ओर दौड़ रहे हैं, यह आरएसएस की वजह से है. हिंदुस्तान में ऊर्जा की कमी नहीं है, कांग्रेस पार्टी हर जिले में स्किल के ढांचे को जोड़ने का काम करेगी. चोट से हमें सीखने को मिलता है, कांग्रेस अपनी गलती को मान लेती है. नोटबंदी गलती थी लेकिन बीजेपी के लोग अपनी गलती नहीं मानेंगे.

गुलाम नबी आजाद ने पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के पुनर्गठन के लिए कांग्रेस अध्यक्ष को अधिकृत करने का प्रस्ताव पेश किया. इसका अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्यों ने हाथ उठाकर समर्थन किया.
इसके पूर्व कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘व्यक्ति केन्द्रित विदेश नीति’ पर अमल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार बड़े देशों के साथ भारत के संबंधों को संभाल नहीं पाई है और इसमें दृष्टि तथा दिशा का अभाव है. पार्टी ने आरोप लगाया कि मोदी की विदेश नीति को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है. पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा की ओर से विदेश नीति पर पेश प्रस्ताव में पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और नरसिंह राव के कार्यकाल की विदेश नीति की जमकर तारीफ की गयीं.
कांग्रेस महाधिवेशन में पहली बार मंच पर पार्टी के पुराने नेताओं की तस्वीरें नहीं थीं और न ही मंच पर कोई नेता आसीन था. महाधिवेशन के सभागार में सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तस्वीरें और पार्टी का चुनाव चिह्न पंजा दिखाई दे रहा था. इससे पहले महाधिवेशनों में मंच के पीछे पार्टी के पुराने नेताओं की तस्वीरें तथा मंच पर वरिष्ठ नेता बैठते थे. प्रारम्भ में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी का उद्धाटन भाषण बहुत संक्षिप्त था. जबकि पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के संबोधन के लिए खड़ा होते ही कार्यकर्त्ता उनके सम्मान में खड़े हो गये.

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