कांग्रेस को चुनाव से पहले कर्जमाफी का बुखार चढ़ता है, जिसने किसानों को धोखा देकर केंद्र में पिछली सरकार बनाई थी. 70 साल के इतिहास में पहली बार भाजपा सरकार बजट में किसानों के लिए ऐतिहासिक योजना लेकर आई, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती थी.
PM बनने के बाद 11वीं बार जम्मू-कश्मीर पहुंचे नरेंद्र मोदी ने लद्दाख क्षेत्र के लिए 12000 करोड़ की परियोजनाओं की नींव रखी, इनमें 480 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग भी शामिल है. PM ने विजयपुर और अवंतीपोरा में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIMS) एवं बिलासपुर-मनाली-लेह लाइन की आधारशिला भी रखी. लद्दाख यूनिवर्सिटी, नौ मेगावॉट की डाह जलविद्युत परियोजना और 220 किलोवॉट के श्रीनगर-ऑल्सतेंग-द्रास-करगिल-लेह ट्रांसमिशन सिस्टम का लोकार्पण किया. 2014 में मोदी ने ही इस परियोजना की नींव रखी थी. लेह में टूरिस्ट और ट्रैकर के लिए नए मार्ग का भी उद्घाटन करने के साथ ही लेह-लद्दाख के संरक्षित क्षेत्र में परिमिट से रहने की अवधि एक सप्ताह से बढ़ाकर 15 दिन कर दी.
उन्होंने लेह और जम्मू के विजयपुर की सभा में कहा कि हमारी सरकार के लिए देश और लोगों का हित सर्वोपरि है. मोदी ने बैंक खाते खुलवाने का अभियान चलाया था, तब खुद को दिग्गज और बुद्धिमान मानने वाले लोगों ने मजाक उड़ाया था. अब पता चला कि जनधन अकाउंट का फायदा कैसे पहुंचने वाला है, यह करोड़ों किसानों को मदद पहुंचाने वाली है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने पिछला चुनाव भी किसानों की कर्जमाफी पर लड़ा था, किसानों के लिए बीमार करो और पुड़िया दो वाली व्यवस्था थी. कर्जमाफी से किसान का कर्ज कभी खत्म नहीं होता, बिचौलियों की जेब मोटी होती जाती है. दस साल पहले किसानों पर 6 लाख करोड़ का कर्ज था. कांग्रेस ने सत्ता हासिल की, लेकिन 6 लाख करोड़ के कर्ज में केवल 52 हजार करोड़ माफ किए, किसानों के साथ धोखा किया. कैग ने जांच की तो उसमें भी 30-35 लाख लोग ऐसे थे,जो कर्जमाफी के हकदार ही नहीं थे.
मोदी ने कहा कि अभी-अभी कर्जमाफी का वादा कर मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है. वहां ऐसे लोगों का कर्ज माफ हो रहा है, जिन पर कभी कर्ज था ही नहीं. जिन पर वाकई कर्ज है, उनका 13 रु. का कर्ज माफ हुआ. राजस्थान में सरकार ने आते ही हाथ खड़े कर दिए. ये लोग ईमानदारी से कर्जमाफी करें तो भी 100 में से 20-30 को ही फायदा मिलेगा. हमारी योजना का लाभ देशभर के 12 करोड़ किसान परिवारों को मिलेगा. 100 में से 90-95 किसान हर गांव में इसके हकदार बनेंगे. वित्त मंत्री बजट पढ़ रहे थे तो विपक्ष के चेहरे लटक गए थे. क्योंकि उन्होंने पाई-पाई का इस्तेमाल जन कल्याण के लिए करना कभी नहीं सीखा और ना सीखेंगे.



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