कश्मीर में अमन के साथ ही आम लोगों के सम्मान व गरिमा बहाली की हो रही कोशिश : राजनाथ

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गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कश्मीर में अमन के साथ आम लोगों का सम्मान व गरिमा भी बहाल रहे, यही हमारी कोशिश है। कश्मीर में अमन का दरख्त सूखा नहीं है, अमन की कोंपलें फूट रही हैं। जितने भी हितधारक हैं, सभी से बात करना चाहता हूं। अमन-अमान कायम करने में हमारी मदद कीजिए।
सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम कश्मीर के स्थायी समाधान के लिए फाइव सी- कंपैशन, कम्यूनिकेशन, को-एग्जिसटेंस, कान्फीडेंस बिल्डिंग तथा कंसिसटेंसी (प्रेम व करुणा, संवाद, सह अस्तित्व, विश्वास बहाली, दृढ़ता व स्थिरता) के आधार पर काम कर रहे हैं। उन्होंने अलगाववादियों से बातचीत, NIA के छापों, 35ए और रोहग्याओं के मुद्दों पर जवाब देते हुए कहा कि हमारी नीयत साफ है। 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि कश्मीर समस्या गोलियां या गालियों से नहीं, बल्कि कश्मीरियों को गले लगाने से हल होगी। उन्होंने जो कहा मैं उसे आगे बढ़ाने को प्रयत्नशील हूं।
उन्होंने कश्मीर समस्या के समाधान के लिए सभी से बातचीत की इच्छा जताते हुए कहा कि मैं सभी हितधारकों से मिलना चाहता हूं। हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं को हमने नहीं रोका, अगर वह नजरबंद हैं तो वह कानून का मामला है, उसमें हमारा कोई दखल नहीं है। सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मैं पिछले साल जब आया था तो उन्होंने बातचीत से इंकार किया था, यहां की मुख्यमंत्री ने भी उन्हें पत्र लिखा था।
उन्होंने अलगाववादी और आतंकी संगठनों के खिलाफ NIA की कार्रवाई को राजनीति से जोड़े जाने पर एतराज जताते हुए कहा कि NIA एक स्वायत्त संस्था है। इसमें केंद्र सरकार का कोई दखल नहीं है। यह अपने स्तर पर सुबुत जमा करने के बाद ही कार्रवाई करती है। यह कानून के मुताबिक अपना काम कर रही है, लकिन किसी को अनावश्यक तंग नहीं किया जाना चाहिए।

अनुच्छेद 35ए और 370 को लेकर जारी विवाद संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि यह कोई मुद्दा नहीं है। इसे जानबूझकर तूल दिया जा रहा है। केंद्र इस मामले में अदालत मे नहीं गई है। इस मुद्दे पर हम जो भी करेंगे, यहां के लोगों की भावनाओं के खिलाफ कुछ नहीं करेंगे, उनकी भावनाओं व जज्बात का पूरा सम्मान करेंगे।
उन्होंने कहा कि हम कश्मीर में हर चेहरे पर खुशी और मुस्कान देखना चाहते है। बिलखती जोहरा का चेहरा भूलता नहीं है, आतंकवाद ने यहां बहुत तबाही की है। सकारात्मक सोच रखने वाला कश्मीरी नौजवान परेशान है। अब हम आतंकवाद को एक और पीढ़ी खराब नहीं करने देंगे।
गृहमंत्री ने कश्मीर में आतंकवाद से गरीब व युवा वर्ग के हुए नुक्सान का जिक्र करते हुए कहा कि पर्यटन भी पूरी तरह तबाह हो गया। मैं आज यहां से देश दुनिया के सभी लोगों से अपील करता हूं कि कश्मीर आप लोगों का स्वागत करने को तैयार है। कश्मीर के लोग इसे दहशदगर्दों से आजाद कर फिर से स्वर्ग बनाना चाहते हैं। केंद्र सरकार भी कश्मीर में पर्यटन क्षेत्र को फिर पटरी पर लाने के लिए विशेष अभियान चलाएगी।
गृहमंत्री ने पाकिस्तान के साथ बातचीत की संभावना संबंधी सवाल पर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमत्री को बुलाया गया। सभी प्रोटोकाल तोड़ प्रधानमंत्री पाकिस्तान गए। हम तो दिल से दिल मिलाना चाहते हैं। हमारे वरिष्ठ नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने पाकिस्तान के साथ अच्छे रिश्ते बनाने का प्रयास करते हुए कहा था कि दोस्त बदल सकते हैं, पड़ोसी नहीं। पाकिस्तान ने कभी सकारात्मक जवाब नहीं दिया। आतंकी फंडिंग के बारे में सभी जानते ही हैं। पाकिस्तान को यहां आतंकियों की घुसपैठ बंद करानी होगी।

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