भारत ने मेलबर्न में तीसरे क्रिकेट टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 137 रन से हराकर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में डेढ़ सौ या इससे अधिक जीत दर्ज करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया. ऋषभ पंत ने मौजूदा सीरीज में 20 शिकार किया और वह किसी एक सीरीज में सबसे अधिक शिकार करने वाले भारतीय विकेटकीपर बन गये. इस जीत के बाद कई रिकार्ड ध्वस्त हुए.
भारत ने अपने 532वें टेस्ट में 150वीं जीत दर्ज की. भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया (384), इंग्लैंड (364), वेस्टइंडीज (171) और दक्षिण अफ्रीका (162) यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं. विराट कोहली ने भारतीय कप्तान के रूप में 45वें मैच में टीम की अगुवाई करते हुए 26वीं जीत दर्ज की. भारतीय कप्तान के रूप में उनसे अधिक जीत सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी के नाम है जिनके नेतृत्व में 60 टेस्ट खेल भारत ने 27 मैचों में जीत दर्ज की थी.
विदेशी सरजमीं पर कोहली की कप्तानी में यह भारत की 11वीं जीत है. इसीके साथ विराट ने सौरव गांगुली के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली जिनकी अगुवाई में भारत ने विदेशी सरजमीं पर इससे पहले सर्वाधिक 11 टेस्ट जीते थे. भारत ने गांगुली के नेतृव में 49 टेस्ट खेल 21 में जीत दर्ज की थी.करने में सफल रही.
भारतीय विकेटकीपर ऋषभ पंत ने डेब्यू साल में 42 स्टंप और कैच पकड़कर ऑस्ट्रेलियन विकेटकीपर ब्रैड हैडिन के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. हैडिन ने 2008 में विकेट के पीछे 42 खिलाड़ियों को शिकार बनाया था.
पंत ने एक टेस्ट में 11 कैच लेकर भी वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की, उन्होंने एडिलेड टेस्ट में 11 कैच लेकर जैक रसेल और एबी डिविलियर्स की बराबरी की. इसके पूर्व रसेल और डिविलियर्स ने जोहानेसबर्ग में 11-11 कैच पकड़े थे.
पंत ने चार मैचों की सीरीज के तीन मैचों में ही 20 शिकार कर किसी एक टेस्ट सीरीज में भारत के सबसे सफल विकेटकीपर बन गये. पंत ने नरेन तम्हाने और सैयद किरमानी का रिकॉर्ड तोड़ा, दोनों के नाम किसी एक सीरीज में सर्वाधिक 19-19 विकेट दर्ज थे. दोनों ने पाकिस्तान के खिलाफ क्रमशः 1954-55 ओर 1979-80 में पांच तथा 6 मैचों की सीरीज के दौरान यह उपलब्धि हासिल की थी. हांलाकि एक सीरीज में सबसे ज्यादा 29 शिकार करने का वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के ब्रैड हैडिन के नाम है, जिन्होंने 2013 में इंग्लैंड के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी.
जसप्रीत बुमराह ने मैच में 86 रन देकर नौ विकेट चटकाए. डेब्यू टेस्ट ईयर में बुमराह के नाम पर 48 विकेट हो गये. बुमराह, मोहम्मद शमी और ईशांत शर्मा की तेज गेंदबाजी तिकड़ी ने पिछले एक साल में विदेशों में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई है. इन तीनों ने मिलकर एक कैलेंडर ईयर में विदेशी पिचों पर कुल 134 विकेट (बुमराह 48, शमी 46 और ईशांत 40) चटकाए. इस तिकड़ी ने मेलकम मार्शल, माइकल होल्डिंग और जोएल गार्नर की वेस्टइंडीज की तिकड़ी का 34 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने 1984 में विदेशी दौरों पर 130 विकेट चटकाए थे.
विराट कोहली SENA (साउथ अफ्रीका, इंग्‍लैंड, न्‍यूजीलैंड और ऑस्‍ट्रेलिया) में चार टेस्‍ट जीतने वाले भारत के पहले कप्‍तान बन गए हैं. उन्‍होंने महेंद्र सिंह धोनी और मंसूर अली खान पटौदी को पछाड़ा है, जिन्‍होंने तीन-तीन मैच जीते थे.

भारत ने साल 2018 में साउथ अफ्रीका को जोहांसबर्ग, इंग्‍लैंड का ट्रेंट ब्रिज और ऑस्‍ट्रेलिया को क्रमश: ऐडिलेड और मेलबर्न में हराया. जो एक रिकॉर्ड है. 1968 में भारत ने तीन मैच न्‍यूजीलैंड को हराकर जीते थे. मजेदार बात ये है कि हर टेस्‍ट में चेतेश्‍वर पुजारा ने 50 से ज्‍यादा रन बनाए हैं.
टीम इंडिया ने दूसरी बार ऑस्‍ट्रेलिया में सीरीज में दो मैच जीतने का रिकॉर्ड कायम किया है और वह ऐसा करने वाली इकलौती एशियाई टीम है. विराट कोहली की टीम चार मैचों की मौजूदा सीरीज में 2-1 से आगे है. जबकि 1977-78 में बिशन सिंह बेदी की टीम ने दो मैच जीते थे. 41 साल बाद ऐसा हुआ है.भारतीय टीम ने इस कैलेंडर ईयर 2018 में एशिया से बाहर चार मैच जीते हैं, जो एक रिकॉर्ड है. इससे पहले 1968 में भारत ने तीन मैच न्‍यूजीलैंड को हराकर जीते थे.
मेलबर्न टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को हराकर सीरीज में 2-1 की बढ़त बना लेने के बाद टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने कहा कि उनकी टीम का काम अभी पूरा नहीं हुआ है, इस जीत से हम संतुष्ट होने वाले नहीं. अब सिडनी में ज्यादा सकारात्मकता के साथ उतरेंगे, जहाँ हम सीरीज का अंतिम टेस्ट जीतना चाहते हैं.
मैच के बाद टीम के प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि हमारी फर्स्ट क्लास क्रिकेट शानदार है, इसलिए हम यहां जीत पाए हैं. इस जीत का श्रेय भारत के फर्स्ट क्लास सेट अप को जाता है, जहाँ फास्ट बोलरों के लिए चुनौतियां कड़ी हैं और इसीलिए वे विदेशों में इस तरह का परफॉर्म कर पा रहे हैं. मैन ऑफ द मैच बुमराह (9/86) ने भी कहा कि उनकी इस कामयाबी के पीछे रणजी ट्रोफी क्रिकेट का बड़ा योगदान है.
कोहली ने जसप्रीत बुमराह, चेतेश्वर पुजारा और अपन डेब्यू टेस्ट खेल रहे मयंक अग्रवाल की तारीफ करते हुए कहा कि यहां जीतकर हमारा आत्मविश्वास और बढ़ा है. हमने बॉर्डर-गावसकर ट्रोफी को अपने पास सुरक्षित रख लिया है, लेकिन काम पूरा नहीं हुआ है.
अपनी पेस बैटरी अटैक की तारीफ करते हुए विराट ने कहा कि हमारे तीनों सीमर्स ने एक कैलेंडर साल में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रेकॉर्ड तोड़ा है, यह हमारे लिए शानदार अहसास है. बुमराह के भाग्य ने पर्थ में उनका साथ नहीं दिया, वे वहां विकेट नहीं ले पाए. उसके बाद हमने उनसे बात की और नतीजा साफ है कि मेलबर्न में उन्होंने गुच्छों में विकेट लेकर इस जीत में अहम भूमिका निभाई.
विराट ने इस टेस्ट से डेब्यू करने वाले युवा ओपनर मयंक अग्रवाल और ‘द न्यू वॉल’ पुजारा की प्रशंसा करते हुए कहा- ‘मयंक अग्रवाल शानदार दिखे उन्होंने खुद को बेहतरीन दर्शाया और पुजारा हमेशा की ही तरह इस बार भी उम्दा खेले. टीम का कोई भी खिलाड़ी व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिए नहीं खेल रहा। हमारे सभी खिलाड़ी टीम के हित के लिए योगदान देना चाहते हैं. उन्होंने हनुमा विहारी और रोहित शर्मा की भी तारीफ की.



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